असम सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन वितरण में देरी पर लगाएगी जुर्माना
गुवाहाटी, 19 मई (आईएएनएस)। असम सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन समय पर देने को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब पेंशन जारी करने में लापरवाही या अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को इस नई व्यवस्था की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया कि राज्य के रिटायर्ड कर्मचारियों ने असम के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और सम्मानजनक जीवन के साथ समय पर पेंशन पाना उनका अधिकार है।
उन्होंने लिखा, "हमारे सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने असम की प्रगति में बड़ा योगदान दिया है। समय पर पेंशन मिलना उनका अधिकार है। इसे सुनिश्चित करने के लिए हम जवाबदेही की नई व्यवस्था लागू कर रहे हैं, जिसमें देरी करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। हमारे पेंशनर्स सम्मान और गरिमा के हकदार हैं।"
यह घोषणा प्रशासनिक सुधार, प्रशिक्षण, पेंशन और लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के बाद की गई। नई व्यवस्था के तहत अगर पेंशन मामलों के निपटारे में तय समयसीमा और सरकारी मानकों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
अधिकारियों के मुताबिक अब हर महीने 'कृतज्ञता पोर्टल' के जरिए लंबित और देरी वाले पेंशन मामलों की सूची तैयार की जाएगी। यह सूची संबंधित विभागों, जिला आयुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
बता दें कि 'कृतज्ञता पोर्टल' असम सरकार द्वारा सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए शुरू किया गया एक ऑनलाइन पेंशन स्वीकृति एवं भुगतान ट्रैकिंग प्रणाली है।
नई अधिसूचना के अनुसार पेंशन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से प्रतिदिन 250 रुपए की वसूली की जाएगी। हालांकि जुर्माने की अधिकतम सीमा 5,000 रुपए तय की गई है।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह राशि सीधे संबंधित अधिकारी के वेतन से काटी जाएगी। इसके लिए फिनअसम पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा और कटौती अगले महीने की सैलरी स्टेटमेंट में दिखाई देगी। यह असम सरकार के वित्त विभाग की एक एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली है।
आदेश में ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर्स को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वसूली की प्रक्रिया सही तरीके से लागू हो और उसकी पूरी जानकारी प्रशासनिक सुधार, प्रशिक्षण, पेंशन और लोक शिकायत विभाग को भेजी जाए।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में जवाबदेही बढ़ाना, प्रशासनिक कामकाज को तेज करना और पेंशनर्स को बिना किसी परेशानी के समय पर उनका हक दिलाना है। यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
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Created On :   19 May 2026 11:57 PM IST












