केमिस्टों की हड़ताल के बीच तमिलनाडु सरकार ने दवाओं की निर्बाध आपूर्ति का दिया भरोसा

केमिस्टों की हड़ताल के बीच तमिलनाडु सरकार ने दवाओं की निर्बाध आपूर्ति का दिया भरोसा
देशभर में 20 मई को प्रस्तावित केमिस्टों की हड़ताल के बीच केजी अरुणराज ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि तमिलनाडु में आवश्यक चिकित्सा सेवाएं और दवाओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।

चेन्नई, 19 मई (आईएएनएस)। देशभर में 20 मई को प्रस्तावित केमिस्टों की हड़ताल के बीच केजी अरुणराज ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि तमिलनाडु में आवश्यक चिकित्सा सेवाएं और दवाओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।

चेन्नई सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सीएम विजय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हड़ताल के कारण किसी भी नागरिक को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

अरुणराज ने कहा, “अस्पतालों से जुड़ी फार्मेसियां हड़ताल में शामिल नहीं होंगी। निजी अस्पतालों की मेडिकल दुकानें भी खुली रहेंगी। राज्यभर में करीब 5,000 फार्मेसियां संचालित रहेंगी।”

उन्होंने बताया कि सरकार ने व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए ड्रग इंस्पेक्टरों की तैनाती की है और फार्मेसी संगठनों के साथ विस्तृत बातचीत की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आपातकालीन स्थिति में लोग अपने जिले के नामित ड्रग इंस्पेक्टर समन्वयकों से सीधे संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में लगभग 50,000 मेडिकल स्टोर हैं, जिनमें से केवल सीमित संख्या में दुकानें बंद रहने की संभावना है, जबकि अधिकांश दुकानें सामान्य रूप से मरीजों की सेवा जारी रखेंगी।

अरुणराज ने भरोसा दिलाया कि आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता में किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दवाओं की बिक्री केंद्र सरकार के फैसले का हिस्सा है और तमिलनाडु सरकार इस पर करीबी नजर रखे हुए है। ऑनलाइन दवा वितरण में किसी भी तरह के नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किए जा रहे प्रिस्क्रिप्शन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों पर काम किया जा रहा है।

गौरतलब है कि अखिल भारतीय रसायनज्ञ एवं औषध विक्रेता संगठन ने ऑनलाइन दवा बिक्री नीतियों के विरोध में 20 मई को देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। संगठन का दावा है कि उसके साथ देशभर के 12 लाख से अधिक केमिस्ट जुड़े हुए हैं।

संगठन ने अनियंत्रित ई-फार्मेसी, कॉर्पोरेट प्लेटफॉर्म पर भारी छूट, मरीजों की सुरक्षा से जुड़े जोखिम और बिना नियंत्रण एंटीबायोटिक व आदत बनाने वाली दवाओं की बिक्री से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस बढ़ने जैसी चिंताएं उठाई हैं।

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Created On :   19 May 2026 11:57 PM IST

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