बिहार बागमती नदी खतरे के निशान से ऊपर, कटाव बढ़ा

बिहार बागमती नदी खतरे के निशान से ऊपर, कटाव बढ़ा
उत्तरी बिहार और नेपाल में बागमती नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर फिर से बढ़ गया है और यह खतरे के निशान को पार कर गया है।

पटना, 10 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तरी बिहार और नेपाल में बागमती नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर फिर से बढ़ गया है और यह खतरे के निशान को पार कर गया है।

डुब्बाघाट गेज स्टेशन पर बागमती नदी का खतरे का स्तर 61.28 मीटर है। नदी अभी 61.33 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर अधिक है। बताया जा रहा है कि इस मौसम में यह अब तक का सबसे अधिक जलस्तर है और बहाव लगातार तेज हो रहा है।

नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही पानी तटबंधों के भीतर तेजी से फैल रहा है और कई निचले इलाकों की ओर बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी डुब्बाघाट स्थित एनडीआरएफ कैंप में भी घुस गया है। डुब्बाघाट, पिपराही घाट, अडौरी घाट और मोटनाजे सहित कई जगहों पर भारी कटाव की सूचना मिली है। खेती की जमीन और खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं क्योंकि कृषि भूमि के हिस्से धीरे-धीरे बह रहे हैं।

जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण तटबंधों के पास रहने वाले गांवों के लोगों में चिंता बढ़ गई है। हालात बिगड़ने के साथ ही बाढ़ का खतरा भी बढ़ रहा है। पिपराही में बागमती पुल के पिलर नंबर 1 के पास भी लगातार कटाव हो रहा है और प्रभावित क्षेत्र धीरे-धीरे बढ़ रहा है। नदी के दोनों किनारों पर कटाव की सूचना मिली है, जिससे आसपास के बुनियादी ढांचे और बस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी के निर्देशों पर जिला प्रशासन और बागमती डिवीजन की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बाढ़ को रोकने और तटबंधों को मजबूत करने का काम लगातार चल रहा है। कटाव को रोकने के लिए कमजोर जगहों पर बड़े पत्थर और रेत की बोरियां लगाई जा रही हैं।

बागमती डिवीजन की टीमें नदी पर चौबीसों घंटे नजर रख रही हैं और पानी के स्तर में होने वाले बदलावों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। इस बीच, बेलवा डैम की मदद से बागमती नदी का पानी बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल से तेजी से बह रहा है, जिससे आस-पास के इलाकों में चिंता बढ़ गई है।

जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी ने पुष्टि की है कि पिपराही और डुब्बा पुल, दोनों जगहों के पास कटाव हो रहा है। दोनों जगहों पर मरम्मत और कटाव रोकने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं और टीमें किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।

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Created On :   10 Aug 2026 11:14 PM IST

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