मिजोरम के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी बैराबी-सैरांग रेल लाइन राज्यपाल

मिजोरम के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी बैराबी-सैरांग रेल लाइन राज्यपाल
मिजोरम के राज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) ने शुक्रवार को 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेल लाइन को राज्य के पहाड़ी भूभाग के लिए एक परिवर्तनकारी परियोजना बताया।

आइजोल, 27 मार्च (आईएएनएस)। मिजोरम के राज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) ने शुक्रवार को 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेल लाइन को राज्य के पहाड़ी भूभाग के लिए एक परिवर्तनकारी परियोजना बताया।

राज्यपाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस रेल लाइन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर 2025 को किया था, और इससे मिजोरम में कनेक्टिविटी तथा आर्थिक विकास को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना को दक्षिण की ओर करीब 200 किलोमीटर आगे जोरिनपुई तक विस्तारित करने की योजना है। यह विस्तार कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट से जुड़ेगा, जिससे म्यांमार के पालेतवा और सित्तवे पोर्ट तक संपर्क स्थापित होगा।

राज्यपाल ने कहा कि इस तरह की बेहतर कनेक्टिविटी मिजोरम ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र और देश के लिए सामाजिक-आर्थिक बदलाव लेकर आएगी।

सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर जनरल सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे होने के कारण मिजोरम मादक पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार सतर्क है और अवैध सीमा-पार गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय और ईसाई बहुल राज्य होने के कारण मिजोरम में चर्च, यंग मिजो एसोसिएशन और अन्य गैर-सरकारी संगठनों की सकारात्मक भूमिका सामाजिक अनुशासन और सौहार्द बनाए रखने में अहम है।

राज्यपाल ने मिजोरम के रणनीतिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कम आबादी और सीमित भौगोलिक क्षेत्र होने के बावजूद यह राज्य भारत, म्यांमार और बांग्लादेश के त्रि-जंक्शन पर स्थित है, जो इसे भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ में महत्वपूर्ण बनाता है।

उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ मिजोरम के सौहार्दपूर्ण संबंधों के कारण सीमाओं पर शांति बनी रहती है और बड़े घटनाक्रम कम देखने को मिलते हैं।

राज्य के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अतीत में अशांति के बावजूद मिजोरम शांति समझौता 1986 ने स्थायी शांति और स्थिरता की नींव रखी।

उन्होंने मिजोरम को देश के सबसे साक्षर राज्यों में से एक बताते हुए कहा कि इसे आधिकारिक तौर पर भारत का पहला पूर्ण साक्षर राज्य माना जाता है और यह ‘भारत की अदरक राजधानी’ के नाम से भी जाना जाता है।

राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में राज्य के तेज विकास की भी सराहना की।

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Created On :   27 March 2026 11:49 PM IST

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