खसरा प्रकोप से जूझ रहा बांग्लादेश, मृतकों की संख्या 1,096 पहुंची

खसरा प्रकोप से जूझ रहा बांग्लादेश, मृतकों की संख्या 1,096 पहुंची
बांग्लादेश इस समय खसरे (मीजल्स) के गंभीर प्रकोप का सामना कर रहा है। रविवार सुबह 8 बजे तक के पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों के कारण नौ और बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस साल खसरे से संबंधित पुष्ट और संदिग्ध हालात में मौतों की कुल संख्या 1,096 पहुंच गई है। देश में लगातार बढ़ रहे संक्रमण ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।

ढाका, 27 सितंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश इस समय खसरे (मीजल्स) के गंभीर प्रकोप का सामना कर रहा है। रविवार सुबह 8 बजे तक के पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों के कारण नौ और बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस साल खसरे से संबंधित पुष्ट और संदिग्ध हालात में मौतों की कुल संख्या 1,096 पहुंच गई है। देश में लगातार बढ़ रहे संक्रमण ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों से मरने वाले सभी नौ बच्चों को संदिग्ध मरीज माना गया है। इन मौतों के बाद बांग्लादेश में संदिग्ध खसरा मौतों की संख्या बढ़कर 995 हो गई है, जबकि पुष्टि की गई मौतों की संख्या 101 पर स्थिर बनी हुई है।

इसी अवधि में देश में 1,228 नए संदिग्ध खसरा मामले सामने आए। इसके साथ ही संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 1,88,041 हो गई है। पिछले 24 घंटों में 113 नए पुष्ट (लैब से प्रमाणित) खसरा मामले दर्ज किए गए। इससे पुष्ट मामलों की कुल संख्या बढ़कर 21,212 हो गई है।

डीजीएचएस के अनुसार, 15 मार्च से अब तक बांग्लादेश में संदिग्ध खसरा के 166,310 मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। उनमें से 159,519 मरीज इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं।

जैसे-जैसे बांग्लादेश में खसरे के मामलों में तेज वृद्धि देखी जा रही है, एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वकालत समूह ने हाल ही में 2026 के प्रकोप को हाल के इतिहास में देश के सबसे खराब सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों में से एक बताया और इस चिंता को उजागर किया है कि यह बीमारी टीकाकरण के माध्यम से रोकी जा सकती है।

कनाडा स्थित ग्लोबल सेंटर फॉर डेमोक्रेटिक गवर्नेंस (जीसीडीजी) ने 'प्रिवेंटेबल ट्रेजेडी: बांग्लादेश का 2026 खसरा प्रकोप' शीर्षक वाली अपनी रिपोर्ट में कहा कि हालांकि खसरा का प्रकोप जनता को अचानक प्रतीत हुआ, लेकिन 'महामारी विज्ञान के दृष्टिकोण' से यह कोई अप्रत्याशित घटना नहीं थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संकट 2024-2025 के दौरान मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्व अंतरिम सरकार के समय टीका आपूर्ति और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में व्यवधान, नियमित टीकाकरण छूटने, निर्धारित पूरक टीकाकरण कार्यक्रमों के रद्द होने, टीका खरीद में प्रशासनिक देरी और जोखिम वाली आबादी की समय पर पहचान करने में विफलता के संयोजन का परिणाम था।

जीसीडीजी के अनुसार, बांग्लादेश लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति शृंखला के माध्यम से विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अनुमोदित टीकों की खरीद करता रहा है; हालांकि अंतरिम सरकार ने इस प्रणाली को खुली निविदा खरीद प्रक्रिया से बदल दिया।

यूनिसेफ का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि एजेंसी ने 2024 से 2026 के बीच पांच से छह औपचारिक पत्रों और लगभग 10 बैठकों के माध्यम से अंतरिम सरकार को संभावित टीका कमी के बारे में बार-बार चेतावनी दी थी।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   27 Sept 2026 10:36 PM IST

Tags

Next Story