बंगाल विधानसभा के अंतिम दिन पेश होगी सीएजी रिपोर्ट, वित्तीय अनियमितताओं पर हो सकता है बड़ा खुलासा
कोलकाता, 25 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा के विस्तारित बजट सत्र का शनिवार को होने वाला अंतिम दिन तीन प्रमुख निर्धारित कार्यवाहियों के कारण काफी घटनापूर्ण रहने वाला है, जिनमें से एक सदन में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट पेश करना है।
सदन के विस्तारित बजट सत्र के समापन दिवस के पहले भाग में होने वाला पहला प्रमुख कार्यक्रम विधानसभा में राज्य के खजाने से होने वाली आय और व्यय पर सीएजी की रिपोर्ट को प्रस्तुत करना होगा।
इस सप्ताह की शुरुआत में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट का पेश होना, जो ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार के पिछले 15 वर्षों के दौरान बेहद दुर्लभ था, यह बहुत महत्वपूर्ण होगा क्योंकि प्राकृतिक आपदाओं के मामलों में राहत वितरण सहित किसी भी क्षेत्र में वित्तीय भ्रष्टाचार सीएजी रिपोर्ट से सामने आएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि चाहे मुख्यमंत्री हों, मंत्री हों या कोई भी बड़ा नेता, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और राज्य सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मंजूरी देने के लिए राज्यपाल को सिफारिश करेगी।
दिन की दूसरी निर्धारित कार्यवाही में मुख्यमंत्री सदन में राज्य सरकार द्वारा तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी द्वारा दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र में चलाए जा रहे मुफ्त सेवा आश्रय स्वास्थ्य शिविर से संबंधित आरोपों की चल रही जांच के बारे में बयान देंगे।
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले ही कई पुलिस शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं और अभिषेक के खिलाफ मुफ्त शिविरों में कुप्रबंधन, चिकित्सा उपकरणों के गलत इस्तेमाल और शिविर में गलत उपचार पद्धति के कारण कई मरीजों को हुई पीड़ा को लेकर दो एफआईआर दर्ज की गई हैं।
दूसरे सत्र में पश्चिम बंगाल के पंचायत कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष अपने विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेंगे और इस मुद्दे पर दो घंटे तक चर्चा होगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा का छह दिवसीय विस्तारित बजट सत्र अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण था क्योंकि यह सत्र विशेष रूप से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए बजटीय आवंटन पर चर्चा के लिए समर्पित था।
22 जुलाई को राज्य गृह विभाग के लिए बजटीय आवंटन पर चर्चा हुई, जो 2012 में सदन में इस मामले पर हुई पिछली चर्चा के 14 साल बाद हुई।
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Created On :   25 July 2026 11:19 AM IST












