तमिलनाडु वंडालूर चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की पुष्टि, दो दिन के लिए बंद हुई एंट्री

तमिलनाडु  वंडालूर चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की पुष्टि, दो दिन के लिए बंद हुई एंट्री
चेन्नई के बाहरी इलाके में स्थित अरिगनर अन्ना जूलॉजिकल पार्क, वंडालूर में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। यहां जलीय पक्षियों में एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस पाया गया है। इसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने दो दिन के लिए आम जनता के प्रवेश पर रोक लगा दी है।

चेन्नई, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। चेन्नई के बाहरी इलाके में स्थित अरिगनर अन्ना जूलॉजिकल पार्क, वंडालूर में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। यहां जलीय पक्षियों में एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस पाया गया है। इसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने दो दिन के लिए आम जनता के प्रवेश पर रोक लगा दी है।

प्रशासन ने घोषणा की है कि गुरुवार और शुक्रवार को पार्क में लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह फैसला संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लिया गया है।

वायरस की पुष्टि मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज की रिपोर्ट से हुई है। रिपोर्ट में साफ हुआ है कि चिड़ियाघर में रखे गए जलीय पक्षी एच5एन1 वायरस से संक्रमित हैं, जो बर्ड फ्लू का कारण है।

पुष्टि के बाद अधिकारियों ने पक्षियों को रखे जाने वाले क्षेत्रों की सफाई और कीटाणुशोधन का काम शुरू कर दिया है। पार्क प्रशासन ने कहा है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बायोसिक्योरिटी उपायों को और सख्त कर दिया गया है।

यह रोक सिर्फ पक्षी बाड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे पार्क में आम लोगों के प्रवेश पर लागू होगी। लगभग 1,260 एकड़ में फैला वंडालूर चिड़ियाघर चेन्नई के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और हर साल यहां लाखों लोग आते हैं। इसके विशाल परिसर में 150 से ज्यादा प्रजातियों के हजारों जानवर और पक्षी रहते हैं।

पक्षियों के अलावा पार्क में मगरमच्छ, सांप और कछुओं सहित कई तरह के वन्यजीव भी हैं। यहां पर्यटकों को संरक्षित वाहनों से शेर और बाघ जैसे जानवरों को देखने का मौका भी मिलता है। यही सुविधाएं हर साल बड़ी संख्या में लोगों को पार्क की ओर आकर्षित करती हैं।

फिलहाल प्रशासन का ध्यान कीटाणुशोधन, सफाई और बायो सिक्योरिटी को मजबूत करने पर है। दो दिन की बंदी के साथ लोगों को गुरुवार और शुक्रवार को अपनी यात्रा टालने की सूचना दी गई है।

जारी की गई जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि कितने जलीय पक्षी पॉजिटिव पाए गए हैं या क्या किसी पक्षी की मौत हुई है। साथ ही, यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि संक्रमण का पता किन परिस्थितियों में चला और लैब पुष्टि से पहले सैंपलिंग की प्रक्रिया क्या थी।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   22 Oct 2026 10:15 AM IST

Tags

Next Story