चुनाव आयोग के रवैये और विपक्षी सांसदों से बर्ताव पर सचिन पायलट ने उठाए सवाल
जयपुर, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने बुधवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम और दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों के साथ किए गए व्यवहार ने देश में लोकतंत्र की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
पायलट ने चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग करने वाले प्रदर्शनों के दौरान विपक्ष के नेताओं, जिनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल थे, द्वारा विरोध-प्रदर्शनों को संभालने के तरीके की आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से मिलने की कोशिश कर रहे विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया गया और सवाल उठाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को संवैधानिक संस्था के सामने अपनी बात रखने की इजाजत क्यों नहीं दी गई।
पायलट ने इन घटनाओं को तानाशाही बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को बातचीत और जवाबदेही के लिए खुला रहना चाहिए।
वोटर लिस्ट में सुधार की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों वोटरों के नाम लिस्ट से कटने का खतरा है और इस मुद्दे को संविधान में दिए गए वोटिंग के अधिकार के लिए खतरा बताया।
पायलट ने 'वोटबंदी' (वोट देने का अधिकार छिनना) शब्द का भी इस्तेमाल किया और इसकी तुलना नोटबंदी से करते हुए कहा कि वोटर लिस्ट से जुड़ी चिंताओं पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। राजस्थान नगर निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए पायलट ने दावा किया कि कांग्रेस का प्रदर्शन नतीजों से कहीं बेहतर रहा क्योंकि पार्टी को ज्यादा वोट शेयर मिला।
उन्होंने कहा कि मुझे यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि भाजपा जीत के बावजूद हार गई, जबकि हम हार के बावजूद जीत गए क्योंकि हमें ज्यादा वोट मिले। कांग्रेस नेता ने निकाय चुनावों के दौरान गड़बड़ियों और प्रशासनिक दखल का आरोप लगाया और दावा किया कि चुनाव के संचालन को लेकर कई जिलों से शिकायतें मिली थीं।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने नतीजों की समीक्षा कर ली है और आने वाले पंचायती राज चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। पायलट ने भरोसा जताया कि कांग्रेस ग्रामीण राजस्थान में अच्छा प्रदर्शन करेगी और पंचायत चुनावों में भारी बहुमत हासिल करेगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी बेरोजगारी, किसानों की चिंताओं, कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने और राज्य में डीएपी खाद की कमी जैसे मुद्दों पर ध्यान देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान में डीएपी खाद की भारी कमी है। इसे पुलिस सुरक्षा में बांटा जा रहा है, फिर भी सरकार बेपरवाह बनी हुई है।
पायलट ने कहा कि कांग्रेस आगामी चुनाव एकजुट होकर लड़ेगी और पूरे राजस्थान के गांवों और मंडलों में दो महीने का जन-संपर्क अभियान चलाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी न केवल चुनावी मुद्दों पर ध्यान देगी, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और वोटिंग के अधिकारों की रक्षा करने की ज़रूरत पर भी जोर देगी।
पंचायत चुनावों में बड़ी जीत की भविष्यवाणी करते हुए पायलट ने कहा कि इससे मिलने वाली बढ़त कांग्रेस को 2028 के राजस्थान विधानसभा चुनावों की तैयारी में मदद करेगी।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   8 Oct 2026 12:01 AM IST












