गुजरात डेंगू से सीआरपीएफ जवान की मौत, एकता दिवस परेड की तैयारियों में जुटे थे अमल बर्मन
गांधीनगर, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय एकता दिवस (एकता दिवस) परेड की तैयारियों के लिए गुजरात पहुंचे सीआरपीएफ के एक 26 वर्षीय जवान की डेंगू से मौत हो गई है। वहीं, डेंगू से संक्रमित जवानों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है।
गांधीनगर सिविल अस्पताल की रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) विपुला पंड्या ने यह जानकारी दी। मृतक जवान की पहचान अमल बर्मन के रूप में हुई है, जो असम के रहने वाले थे।
विपुला पंड्या के मुताबिक, अमल बर्मन पहली बार 3 अक्टूबर को अस्पताल पहुंचे थे, जहां उनकी डेंगू जांच पॉजिटिव आई थी।
उन्होंने बताया कि उस समय उनकी स्थिति और अन्य चिकित्सीय रिपोर्ट सामान्य थीं, इसलिए उन्हें दवाएं देकर आराम करने की सलाह दी गई थी।
पंड्या ने कहा, "उस दिन उनकी डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव थी, लेकिन उनकी स्थिति और अन्य जांच रिपोर्ट संतोषजनक थीं, इसलिए उन्हें उपचार और आराम की सलाह देकर घर भेज दिया गया था।"
हालांकि, तीन दिन बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर वे फिर अस्पताल पहुंचे। जांच में उनके प्लेटलेट्स कम पाए गए, जिसके बाद उन्हें भर्ती कर लिया गया।
आरएमओ के अनुसार, बुधवार तड़के उन्हें सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई। बाद में उनकी मौत हो गई।
पंड्या ने बताया कि बर्मन उन जवानों में शामिल थे जो राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के लिए गुजरात आए थे।
उन्होंने पुष्टि की कि डेंगू पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनका उपचार सिविल अस्पताल में ही चल रहा था।
इस बीच अस्पताल में डेंगू से संक्रमित भर्ती जवानों की संख्या भी बढ़ गई है। पहले 24 मामले सामने आए थे, जो अब बढ़कर 43 हो गए हैं।
पंड्या ने कहा, "अब डेंगू के 43 पॉजिटिव मामले हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संख्या अस्पताल के इनडोर वार्ड में भर्ती मरीजों की है और इसमें बाह्य रोगी या संदिग्ध मामलों को शामिल नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले अस्पताल ने जानकारी दी थी कि दो दिनों के भीतर 24 जवान डेंगू पॉजिटिव पाए गए थे।
इसके अलावा कई अन्य जवान बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती हुए थे, जिनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था।
देश के विभिन्न राज्यों से आए ये जवान 31 अक्टूबर को एकता नगर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारियों के लिए गांधीनगर में अस्थायी आवासों में रह रहे हैं।
स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उनके आवास स्थलों और परेड ग्राउंड पर व्यापक फॉगिंग, एंटी-लार्वा अभियान, बुखार सर्वेक्षण और मरीजों की निगरानी के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने भी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी आवासों के प्रत्येक ब्लॉक में चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाए और परिसर में कहीं भी पानी जमा न होने दिया जाए।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को बताया था कि वर्ष 2026 के 40वें सप्ताह तक गुजरात में मलेरिया की जांच के लिए 1.39 करोड़ से अधिक रक्त नमूनों की जांच की गई, जिनमें 1,401 मामले पाए गए।
वहीं, डेंगू की जांच के लिए 42 अस्पतालों के विशेष जांच केंद्रों में 1.50 लाख से अधिक सीरम नमूनों की जांच की गई, जिनमें इसी अवधि तक 2,345 डेंगू के मामले दर्ज किए गए।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   8 Oct 2026 12:01 AM IST












