राजस्थान निकाय चुनाव सात में से छह नगर निगमों में भाजपा के मेयर, कांग्रेस सिर्फ बीकानेर बचा पाई
जयपुर, 21 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान में अब तक 301 निकायों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। मेयर और अध्यक्ष पद के चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा उम्मीदवारों ने 197 पदों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को 94 पदों पर सफलता मिली है। निर्दलीय उम्मीदवारों ने सात पद जीते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप), सीपीएम और आरएलपी ने एक-एक पद पर जीत हासिल की है।
जिन सात नगर निगमों के नतीजे घोषित हुए हैं, उनमें से छह में भाजपा ने मेयर पद पर कब्जा किया है।
कांग्रेस बीकानेर में मेयर का पद बरकरार रखने में सफल रही। वहीं, अजमेर और पाली में कांग्रेस को झटका लगा। इन दोनों जगहों पर पार्षदों की संख्या के आधार पर कांग्रेस की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही थी, लेकिन मेयर चुनाव में नतीजे उसके पक्ष में नहीं रहे।
अजमेर में भाजपा की अनामिका शर्मा 43 वोट हासिल कर मेयर चुनी गईं। यहां नगर निगम चुनाव में भाजपा के 32 पार्षद जीते थे। पाली में भाजपा उम्मीदवार नमिता बुबाकिया ने 33 वोट हासिल कर मेयर का चुनाव जीता। यहां भाजपा के 21 और कांग्रेस के 29 पार्षद जीते थे। इसके बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार सुमित्रा जैन को केवल तीन वोट मिले।
भाजपा ने उदयपुर और अलवर में भी मेयर पद पर जीत दर्ज की। उदयपुर में पारस सिंघवी विजयी हुए, जबकि अलवर में सुमनलता अग्रवाल ने जीत हासिल की। सुमनलता अग्रवाल को 42 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले।
बीकानेर में कांग्रेस उम्मीदवार अनिल कल्ला मेयर चुने गए। अनिल कल्ला पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के भतीजे हैं।
बारां की अटरू नगरपालिका में भी एक महत्वपूर्ण नतीजा सामने आया। यहां कांग्रेस उम्मीदवार निशा नैनवाल ने अध्यक्ष पद के चुनाव में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के भाई कृष्ण मुरारी दिलावर को तीन वोटों से हरा दिया।
इन निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने भी चौंकाते हुए एक निकाय के अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। सीपीएम और आरएलपी ने भी एक-एक पद जीता, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में सात पद आए।
उल्लेखनीय है कि भीलवाड़ा और भरतपुर नगर निगम सहित 32 निकायों में चुनाव पहले ही निर्विरोध तय हो चुके थे।
राजस्थान में निकाय चुनाव की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जयपुर सहित तीन नगर निगमों के मेयर पद और एक नगरपालिका के लिए चुनाव 25 सितंबर को होने हैं।
इन बाकी चुनावों के नतीजे आने के बाद ही राजस्थान के शहरी निकायों की अंतिम राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
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Created On :   21 Sept 2026 8:43 PM IST












