ब्रिटेन का बड़ा फैसला आईआरजीसी समेत तीन संगठनों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित करने की तैयारी

ब्रिटेन का बड़ा फैसला आईआरजीसी समेत तीन संगठनों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित करने की तैयारी
ब्रिटेन की सरकार ने सोमवार को कहा कि वह ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और दो अन्य संगठनों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है।

लंदन, 13 जुलाई (आईएएनएस)। ब्रिटेन की सरकार ने सोमवार को कहा कि वह ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और दो अन्य संगठनों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है।

बाकी दो संगठन हैं इस्लामिक मूवमेंट ऑफ कंपैनियंस ऑफ द राइट (आईएमसीआर), जिसे ब्रिटेन ईरान से जुड़ा मानता है, और वॉलंटियर कॉर्प्स, जिसकी देखरेख रूसी सेना की मुख्य खुफिया एजेंसी 'जीआरयू' करती है।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी की र‍िपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा मंत्री एंजेला ईगल के लिखित बयान के मुताबिक, अगर संसद से मंजूरी मिल जाती है तो ये तीनों संगठन नेशनल सिक्योरिटी (स्टेट थ्रेट्स) एक्ट 2026 के तहत नामित किए जाने वाले पहले संगठन होंगे।

अगर यह फैसला लागू हो जाता है, तो इन संगठनों की ब्रिटेन से जुड़ी गतिविधियों में मदद करना, उनका समर्थन करना या जानबूझकर उनसे किसी तरह का आर्थिक या दूसरा फायदा लेना अपराध माना जाएगा। इनमें से कुछ मामलों में अधिकतम सजा उम्रकैद तक हो सकती है।

ब्रिटेन पहले ही पूरे आईआरजीसी पर प्रतिबंध लगा चुका है। हालांकि, यह नई व्यवस्था टेररिज्म एक्ट 2000 के तहत किसी संगठन को आतंकवादी घोषित करने वाली व्यवस्था से अलग है। इस पर तीनों संगठनों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

मई में ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने ईरान के राजदूत को तलब किया था। यह कदम उस समय उठाया गया था जब तीन ईरानी नागरिकों पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत आरोप लगाए गए थे।

ब्रिटेन ने कहा था कि इन तीनों ईरानी नागरिकों पर ऐसे काम करने का आरोप है, जिनसे किसी विदेशी खुफिया एजेंसी को फायदा पहुंच सकता था।

इन तीनों वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था।

पुलिस के मुताबिक, इन पर आरोप है कि इन्होंने 14 अगस्त 2024 से 16 फरवरी 2025 के बीच ईरान की खुफिया एजेंसी की मदद करने वाली गतिविधियां कीं। सेपहवंद पर एक अतिरिक्त आरोप भी है कि उन्होंने ब्रिटेन में किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर हिंसा की योजना बनाने के इरादे से निगरानी, इलाके की जानकारी जुटाने और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाएं इकट्ठा कीं।

इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को ब्रिटेन के कार्यवाहक राजदूत चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया। ईरान ने ब्रिटेन में कई ईरानी नागरिकों की गिरफ्तारी को 'संदेहास्पद और बेबुनियाद' बताया। ईरान ने ब्रिटेन के आरोपों को 'झूठा' और लगाए गए मामलों को हकीकत से परे बताया।

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Created On :   13 July 2026 10:48 PM IST

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