आगामी निफ्टी बदलाव में बीएसई को मिल सकती है जगह, विप्रो के बाहर होने की संभावना रिपोर्ट

आगामी निफ्टी बदलाव में बीएसई को मिल सकती है जगह, विप्रो के बाहर होने की संभावना रिपोर्ट
एक रिपोर्ट के अनुसार, आगामी निफ्टी रीबैलेंसिंग में बीएसई लिमिटेड को निफ्टी 50 इंडेक्स में शामिल किया जा सकता है, जबकि आईटी कंपनी विप्रो लिमिटेड के बाहर होने की संभावना है।

मुंबई, 18 मई (आईएएनएस)। एक रिपोर्ट के अनुसार, आगामी निफ्टी रीबैलेंसिंग में बीएसई लिमिटेड को निफ्टी 50 इंडेक्स में शामिल किया जा सकता है, जबकि आईटी कंपनी विप्रो लिमिटेड के बाहर होने की संभावना है।

घरेलू ब्रोकरेज फर्म एक्सिस कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से करीब 65.7 करोड़ डॉलर का संभावित निवेश प्रवाह आ सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) इंडेक्स रीबैलेंसिंग की घोषणा अगस्त 2026 के दूसरे हिस्से में होने की उम्मीद है और नए बदलाव 30 सितंबर 2026 से लागू हो सकते हैं।

योग्यता का आकलन 1 फरवरी से 31 जुलाई तक के छह महीने के औसत आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा, जबकि मौजूदा अनुमान 15 मई तक के आंकड़ों पर आधारित हैं।

ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि निफ्टी 50 में एक बदलाव, निफ्टी नेक्स्ट 50 में पांच बदलाव और निफ्टी बैंक इंडेक्स में कोई बदलाव नहीं होगा।

रिपोर्ट में कहा गया है, "इन संभावित निवेश प्रवाहों का अनुमान 45 अरब डॉलर की बेंचमार्क फंड एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) के आधार पर लगाया गया है।"

रिपोर्ट के मुताबिक, इस रीबैलेंसिंग के कारण भारतीय शेयर बाजार से लगभग 22.5 करोड़ डॉलर की संभावित निकासी भी हो सकती है।

निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स में संभावित शामिल होने वाली कंपनियों में पॉलीकैब इंडिया, हिताची एनर्जी इंडिया, इंडसइंड बैंक और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी शामिल हैं।

वहीं, बाहर होने वाली संभावित कंपनियों में इंडियन होटल्स कंपनी, आरईसी लिमिटेड, श्री सीमेंट, ज़ाइडस लाइफसाइंसेज और मैक्रोटेक डेवलपर्स का नाम शामिल है।

ब्रोकरेज ने कहा कि ये अनुमान इंडेक्स रीबैलेंसिंग के आधार पर लगाए गए हैं और अंतिम घोषणा अगस्त में होने की उम्मीद है।

इंडेक्स में बदलाव तब किया जाता है जब किसी योग्य कंपनी का एवरेज फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन (एएफएमसी) इंडेक्स में मौजूद सबसे छोटी कंपनी के मुकाबले 1.5 गुना से अधिक हो जाता है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल बीएसई इस मानक को पूरा करती है और उसका एएफएमसी विप्रो से 1.5 गुना अधिक है। इसी वजह से विप्रो को इंडेक्स से बाहर होने का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

यदि निफ्टी 50 में केवल एक कंपनी की अदला-बदली होती है, तो अनुमानित एकतरफा निष्क्रिय निवेश प्रवाह करीब 63.9 करोड़ डॉलर हो सकता है।

इस बीच, कारोबार के दौरान शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक शुरुआती गिरावट से उबरते हुए लगभग सपाट कारोबार करते दिखे। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 77.05 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,315.04 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 6.45 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 23,649.95 पर क्लोज हुआ।

दिन की शुरुआत में दोनों सूचकांक करीब 1 प्रतिशत तक फिसल गए थे, लेकिन बाद में सुबह के कारोबार में हुए नुकसान की भरपाई कर ली।

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Created On :   18 May 2026 5:02 PM IST

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