आरजी कर रेप और मर्डर केस में कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश, सीबीआई को नई जांच पूरी करने के लिए समय-सीमा तय

आरजी कर रेप और मर्डर केस में कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश, सीबीआई को नई जांच पूरी करने के लिए समय-सीमा तय
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के लिए अगस्त 2024 में राज्य के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल की एक महिला जूनियर डॉक्टर के रेप और मर्डर मामले में नई जांच पूरी करने की समय-सीमा तय कर दी।

कोलकाता, 28 अगस्त (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के लिए अगस्त 2024 में राज्य के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल की एक महिला जूनियर डॉक्टर के रेप और मर्डर मामले में नई जांच पूरी करने की समय-सीमा तय कर दी।

न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने समय सीमा की घोषणा की, क्योंकि सीबीआई ने बंद कमरे में सुनवाई के दौरान मामले में नई जांच पर प्रगति रिपोर्ट सौंपी।

बंद कमरे में हुई सुनवाई की कार्यवाही से अवगत सूत्रों ने बताया कि प्रगति रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद पीठ ने सीबीआई को अगले तीन सप्ताह के भीतर नई जांच प्रक्रिया समाप्त करने का निर्देश दिया।

सूत्रों ने बताया कि पता चला है कि पीड़िता के परिवार के सदस्यों ने पहले मामले में 54 पहलुओं की जांच के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर सीबीआई के वकील ने अदालत को बताया कि उन्होंने 16 पहलुओं की जांच की है।

सूत्रों ने कहा कि सीबीआई ने अदालत को उन पहलुओं के बारे में जानकारी दी, जिनकी उसने जांच के नए चरण में जांच की थी। पता चला है कि 8 अगस्त 2024 की रात जब यह घटना हुई, एक डिलीवरी बॉय पीड़ित के साथ-साथ आरजी कर के आपातकालीन विभाग में काम करने वाले डॉक्टरों के लिए रात का खाना लेकर आया था।

सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि जांचकर्ताओं ने डिलीवरी बॉय से पूछताछ की है। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा, सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि उन चार डॉक्टरों से भी पूछताछ की गई है, जिन्होंने उस रात पीड़िता के साथ खाना खाया था।

इसके बाद, सीबीआई के वकील ने नई जांच प्रक्रिया को समाप्त करने के लिए अदालत से चार सप्ताह का समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने सिर्फ तीन हफ्ते की मोहलत दी। वहीं, मामले में अगली सुनवाई 24 सितंबर को तय की गई है।

बता दें कि अदालत के हस्तक्षेप के बाद इसे सीबीआई को हस्तांतरित करने से पहले कोलकाता पुलिस ने शुरू में इस मामले की जांच की। कोलकाता पुलिस से जुड़े पूर्व नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय इस मामले में एकमात्र दोषी थे और वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

हालांकि, पीड़ित के परिवार के सदस्यों ने तब कोलकाता पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच पर हस्ताक्षर करके मामले में सीबीआई पर लापरवाही से जांच करने का आरोप लगाया था। इसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीबीआई को एक नई जांच टीम के साथ मामले में नए सिरे से जांच शुरू करने का आदेश दिया। इसी के अनुसार एक नई सीबीआई टीम ने मामले में नए सिरे से जांच शुरू की।

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Created On :   28 Aug 2026 8:15 PM IST

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