तमिलनाडु के 52 बड़े मंदिरों में आज से कैमरा वाले मोबाइल फोन पर बैन

तमिलनाडु के 52 बड़े मंदिरों में आज से कैमरा वाले मोबाइल फोन पर बैन
तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार से राज्य के 52 बड़े मंदिरों में श्रद्धालुओं के कैमरा वाले मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगा दी है। मंदिरों की पवित्रता और आध्यात्मिक माहौल को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

चेन्नई, 1 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार से राज्य के 52 बड़े मंदिरों में श्रद्धालुओं के कैमरा वाले मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगा दी है। मंदिरों की पवित्रता और आध्यात्मिक माहौल को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त मंत्री रमेश ने स्पष्ट किया है कि यह पाबंदी सिर्फ कैमरा वाले मोबाइल फोन पर लागू होगी।

श्रद्धालुओं को बिना कैमरे वाले साधारण मोबाइल फोन मंदिर परिसर में बिना किसी रोक-टोक के ले जाने की अनुमति होगी। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि शिकायतें मिल रही थीं कि मंदिरों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी के बावजूद लोग अंदर फोटो, वीडियो, सेल्फी और सोशल मीडिया रील बना रहे थे।

अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से आध्यात्मिक माहौल में खलल पड़ता था और कुछ मामलों में दूसरे श्रद्धालुओं की प्राइवेसी का भी उल्लंघन होता था।

पहले चरण में यह प्रतिबंध प्रमुख मंदिरों में लागू किया गया है, जिनमें तिरुचेंदूर, पलानी, तिरुप्परंकुंद्रम, तिरुवन्नामलाई, समायपुरम, श्रीरंगम, रामेश्वरम और सुचिंद्रम के मंदिर शामिल हैं।

नेल्लैयप्पर मंदिर, मदुरै अलगर मंदिर, कोयंबटूर कोनियाम्मन मंदिर और सलेम फोर्ट मरियम्मन मंदिर भी इसमें शामिल हैं।

चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में यह पाबंदी वडापलानी मुरुगन, मायलापुर कपालीश्वरर, ट्रिप्लिकेन पार्थसारथी, तिरुवोट्टियूर वडिवुडई अम्मन, थिरुवेरकाडु देवी करुमरियम्मन, कुंद्राथुर मुरुगन और मंगाडु कामाक्षी अम्मन मंदिरों में लागू होगी।

कांचीपुरम के मंदिरों, जिनमें कामाक्षी अम्मन, वरदराज पेरुमल और एकंबरेश्वर मंदिर, साथ ही तिरुवल्लूर में वीरराघव पेरुमल मंदिर और तिरुत्तनी में मुरुगन मंदिर भी शामिल हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिरों में पेड मोबाइल जमा काउंटर और सुरक्षित लॉकर बनाए गए हैं, ताकि वे प्रवेश से पहले अपने फोन सुरक्षित रख सकें। बड़े मंदिरों में 20,000 तक फोन रखने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, अधिकारियों ने माना कि त्योहारों और शुभ अवसरों पर जब कुछ मंदिरों में 50,000 से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं, तो इन व्यवस्थाओं पर दबाव पड़ सकता है।

इसलिए श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि जहां तक संभव हो वे कैमरा फोन घर, होटल के कमरे या अपने वाहन में ही छोड़कर आएं।

नए नियमों के बारे में श्रद्धालुओं को जानकारी देने और मंदिर के प्रवेश द्वार पर असुविधा से बचने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए गए हैं।

विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर फोटो या वीडियो लेने और उन्हें वेबसाइट या सोशल मीडिया पर अपलोड करने की अनुमति दी गई तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Created On :   1 Sept 2026 11:58 AM IST

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