तमिलनाडुः मदुरै में पानी की कमी से 4000 एकड़ गन्ने की फसल पर संकट

तमिलनाडुः मदुरै में पानी की कमी से 4000 एकड़ गन्ने की फसल पर संकट
तमिलनाडु के मदुरै जिले के मेलूर, वाडीपट्टी और आस-पास के इलाकों में सिंचाई की कमी के कारण लगभग 4,000 एकड़ गन्ने की फसल पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। किसानों का कहना है कि अगर आने वाले हफ्तों में इलाके में पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है।

मदुरै, 1 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मदुरै जिले के मेलूर, वाडीपट्टी और आस-पास के इलाकों में सिंचाई की कमी के कारण लगभग 4,000 एकड़ गन्ने की फसल पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। किसानों का कहना है कि अगर आने वाले हफ्तों में इलाके में पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है।

कुल खेती वाली जमीन में से लगभग 1,500 एकड़ में हरे गन्ने की खेती होती है, जबकि बाकी जमीन पर बैंगनी गन्ने उगाए जाते हैं। कई गांवों में सिंचाई के कुएं सूख गए हैं, जिससे किसानों को अपनी खड़ी फसलों को बचाने के लिए ज्यादातर बोरवेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि जमीन के नीचे पानी का स्तर तेजी से गिरा है, जिससे गन्ने के खेतों की सिंचाई करना मुश्किल होता जा रहा है। जिन किसानों ने बैंगनी गन्ने उगाए हैं, उनका कहना है कि सिंचाई के कुएं सूखने के बाद उन्हें फसल बचाने में मुश्किल हो रही है।

कई किसानों के पास सिंचाई के लिए विकल्प के तौर पर सिर्फ एक या दो बोरवेल हैं। उन्हें डर है कि अगर अगले तीन हफ्तों में इलाके में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो खड़ी फसलें सूखने लग सकती हैं।

पानी की कमी की वजह से नए लगाए गए गन्ने की बढ़त पहले ही काफी धीमी हो गई है। खबर है कि इलाके के कई किसानों को पानी की कमी के कारण फसल का नुकसान उठाना पड़ा है।

गन्ने की फसल को नियमित सिंचाई की जरूरत होती है, खासकर शुरुआती दौर में। अगर लंबे समय तक सूखा रहे, तो पैदावार और फसल की क्वालिटी, दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है।

सिंचाई की समस्या के अलावा, किसान अलंगनल्लूर नेशनल कोऑपरेटिव शुगर मिल के लंबे समय से बंद होने को लेकर भी परेशान हैं। उनका कहना है कि यह मिल पहले जिले के गन्ना किसानों के लिए फसल की खरीद और मार्केटिंग का एक भरोसेमंद जरिया थी।

किसान संगठनों ने कोऑपरेटिव मिल को तुरंत फिर से खोलने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पास किया है। उनका आरोप है कि पिछले आठ सालों में कई बार विरोध-प्रदर्शन करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने सरकार से मिल को फिर से शुरू करने के लिए जरूरी फंड देने और मुश्किलों का सामना कर रहे गन्ना किसानों की मदद करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि मिल के लंबे समय से बंद रहने और बार-बार सिंचाई की समस्याओं के कारण अलंगनल्लूर और आस-पास के इलाकों में गन्ने की खेती के रकबे में काफी कमी आई है।

किसानों ने सितंबर के पहले हफ्ते में अलंगनल्लूर से मदुरै जिला कलेक्ट्रेट तक एक वॉकथॉन आयोजित करने का फैसला किया है। इस प्रदर्शन के जरिए सरकार पर सिंचाई की समस्या को हल करने और कोऑपरेटिव शुगर मिल को फिर से खोलने के लिए जरूरी कदम उठाने का दबाव बनाया जाएगा।

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Created On :   1 Sept 2026 11:38 AM IST

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