राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर को प्रियांक खड़गे ने बताया राजनीति से प्रेरित, भाजपा ने किया पलटवार

राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर को प्रियांक खड़गे ने बताया राजनीति से प्रेरित, भाजपा ने किया पलटवार
उत्तराखंड में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने'शुद्धिकरण यज्ञ' को दलित विरोधी बताया था, जिसके बाद वाल्मीकि समुदाय के एक व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई। अब इस एफआईआर को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।

नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने'शुद्धिकरण यज्ञ' को दलित विरोधी बताया था, जिसके बाद वाल्मीकि समुदाय के एक व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई। अब इस एफआईआर को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।

इस मामले पर कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "यह सब राजनीतिक मकसद से किया गया है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बजाय जिन्होंने 'शुद्धिकरण' का काम किया और पूरे शहर में घूम-घूमकर बताया कि उन्होंने उस जगह को शुद्ध कर दिया है क्योंकि वहां एक दलित नेता ने भाषण दिया था, उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए। आप उस व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर रहे हैं जिसने इस गैरकानूनी काम की आलोचना की और सवाल उठाया कि संविधान का उल्लंघन कैसे हो रहा है।"

झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने इस एफआईआर को भाजपा की गंदी मानसिकता बताया। उन्होंने कहा, "भाजपा वालों ने बहुत गंदी मानसिकता का परिचय दिया। एक दलित का बेटा, देश के वरिष्ठ और अनुभवी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण करवा कर, क्योंकि वो एक दलित थे। क्या दलित होना गुनाह है? आप हरिजन को क्या समझते हैं? इस तरह की कृति वहां देखी गई और उन पर एफआईआर करने के लिए आवेदन पड़ा हुआ है, लेकिन एफआईआर उन पर नहीं हुआ। प्रतिपक्ष के नेता को कहीं न कहीं प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण करना दलित समाज का अपमान है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। हालांकि एफआईआर इस मुद्दे को उठाने वाले यानी राहुल गांधी के खिलाफ की गई।

वहीं, सांसद अनंत नायक ने राहुल गांधी के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी को भारत की संस्कृति की सही जानकारी नहीं है। जिस जगह पर हवन हो रहा था, वहां ऐसी बातें कहना दलितों का अपमान है, क्योंकि भारत की संस्कृति, सनातन संस्कृति और हिंदू संस्कृति में सभी शामिल हैं- आदिवासी, दलित और सभी समुदाय। हवन सनातन संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। राहुल गांधी जो कह रहे हैं, वह पूरी तरह गलत है और दलितों का अपमान है।"

इस मुद्दे पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "कहीं भी जाने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन अगर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।"

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Created On :   1 Sept 2026 12:39 PM IST

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