सीबीआई ने वांछित विशाखा राठौड़ का यूएई से कराया सफल प्रत्यर्पण

सीबीआई ने वांछित विशाखा राठौड़ का यूएई से कराया सफल प्रत्यर्पण
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित महिला विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत प्रत्यर्पण कराने में सफलता हासिल की है। यह महिला 3 अगस्त को पुणे पहुंची, जहां महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित महिला विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत प्रत्यर्पण कराने में सफलता हासिल की है। यह महिला 3 अगस्त को पुणे पहुंची, जहां महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।

केंद्रीय एजेंसी ने बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि सीबीआई ने विदेश मंत्रालय (एमईए) और गृह मंत्रालय (एमएचए) की मदद ली और विशाखा राठौड़ को यूएई से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की।

सीबीआई ने बताया कि यह महिला बड़े पैमाने पर हुए एक वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में वांछित थी। दूसरों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचते हुए उसने निवेशकों को कई स्कीमों में निवेश करने के लिए उकसाया और उन्हें हर महीने निश्चित रिटर्न का झूठा वादा किया। उसने धोखाधड़ी से निवेशकों का पैसा हड़प लिया और उस पैसे को कई बैंक और डीमैट खातों के जरिए इधर-उधर किया।

एजेंसी ने बताया कि इससे पहले, इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ 'रेड नोटिस' जारी किया गया था। वह 3 अगस्त 2026 को पुणे पहुंची और महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।

गौरतलब है कि भारत ने 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण कराया है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि यह उन अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए चलाए गए एक तेज अभियान का हिस्सा है, जो विदेश में रहकर भारतीय कानून से बच रहे थे।

केंद्र ने कहा कि यह उपलब्धि मजबूत कानूनी प्रावधानों, बेहतर अंतरराष्ट्रीय सहयोग, कई एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में की गई तकनीक-आधारित जांच के जरिए संभव हो पाई है।

गृह मंत्रालय (एमएचए) ने एक बयान में कहा, "पिछली सरकारों में भगोड़ों को वापस लाने की राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी। मोदी सरकार ने भगोड़ों के प्रत्यर्पण को 'राष्ट्रीय प्राथमिकता' बनाया है। अमित शाह ने भगोड़े अपराधियों के मुद्दे को देश की संप्रभुता, आर्थिक स्थिरता, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से गहराई से जुड़ा हुआ बताया है।"

मंत्रालय के अनुसार, भगोड़े अपराधियों से निपटने के लिए सरकार का दृष्टिकोण तीन मुख्य स्तंभों (वैश्विक स्तर पर संपर्क, मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति) पर आधारित रहा है।

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Created On :   5 Aug 2026 1:43 PM IST

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