शिलांग में 13-14 जुलाई को राष्ट्रीय सम्मेलन, अगली पीढ़ी के प्रशासनिक और ई-गवर्नेंस सुधारों पर होगी चर्चा
नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी), मेघालय सरकार के साथ मिलकर 13 और 14 जुलाई को शिलांग में 'नेक्स्टजेन एडमिनिस्ट्रेटिव एंड ई-गॉव रिफॉर्म' (अगली पीढ़ी के प्रशासनिक और ई-गवर्नेंस सुधार) विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा। इस सम्मेलन में देशभर से नीति निर्माता, प्रशासक, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और गवर्नेंस से जुड़े पेशेवर एक साथ आएंगे।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के साथ मिलकर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे।
उद्घाटन सत्र को डीएआरपीजी, पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीपीपीडब्ल्यू) और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीएनईआर) की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा और मेघालय के मुख्य सचिव डॉ. शकील पी. अहमद भी संबोधित करेंगे।
इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला कलेक्टरों, नीति निर्माताओं, विषय विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों और लोक प्रशासन से जुड़े लोगों सहित 300 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।
इस सम्मेलन का उद्देश्य लोक प्रशासन और डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य पर चर्चा करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच नए विचारों और बेहतरीन तौर-तरीकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधि 2023 और 2024 के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार-विजेता पहलों, ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार-विजेता परियोजनाओं, मेघालय सरकार की बेहतरीन गवर्नेंस प्रथाओं और पूर्वोत्तर क्षेत्र से डीएआरपीजी-समर्थित राज्य सहयोगी पहलों (एससीआई) पर प्रस्तुतियां देखेंगे।
इन प्रस्तुतियों में कई तरह के विषय जैसे कि समग्र जिला विकास, डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, सार्वजनिक सेवा वितरण, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बैंकिंग, उपभोक्ता संरक्षण, शहरी गवर्नेंस, ग्रामीण विकास और तकनीक आधारित प्रशासन शामिल होंगे।
सम्मेलन की शुरुआत एक खास सत्र के साथ होगी, जिसमें मेघालय के गवर्नेंस इनोवेशन और नागरिकों पर केंद्रित सुधारों को दिखाया जाएगा, जिनका मकसद सेवा वितरण को मजबूत करना और प्रशासनिक दक्षता में सुधार करना है।
एक अन्य सत्र में प्रधानमंत्री पुरस्कार विजेता पहलों पर प्रकाश डाला जाएगा, जिसमें समग्र विकास, शिक्षा, ग्रामीण आजीविका और आकांक्षी जिला कार्यक्रम जैसे क्षेत्रों में सफल जिलास्तरीय गवर्नेंस मॉडल दिखाए जाएंगे।
प्रतिभागियों को ई-गवर्नेंस 2026 के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार-विजेता परियोजनाओं से भी परिचित कराया जाएगा, जो शहरी गवर्नेंस, स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल बैंकिंग, तीर्थयात्रा प्रबंधन, पंचायती राज, उपभोक्ता संरक्षण और साइबर सुरक्षा में उभरती तकनीकों के उपयोग को प्रदर्शित करेंगी। उम्मीद है कि ये परियोजनाएं पूरे देश में अपनाए जाने के लिए बड़े पैमाने पर लागू करने योग्य गवर्नेंस मॉडल प्रदान करेंगी।
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Created On :   12 July 2026 6:49 PM IST












