चिंगम 1 के साथ शुरू हुआ मलयालम नववर्ष, केरल के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

चिंगम 1 के साथ शुरू हुआ मलयालम नववर्ष, केरल के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
केरल में सोमवार को मलयालम कैलेंडर का पहला दिन मलयालम नववर्ष ( चिंगम 1) की शुरुआत हुई।

कोच्चि, 17 अगस्त (आईएएनएस)। केरल में सोमवार को मलयालम कैलेंडर का पहला दिन मलयालम नववर्ष ( चिंगम 1) की शुरुआत हुई।

पारंपरिक रूप से तंगी और उदासी वाला महीना माने जाने वाले 'कर्किडकम' के बाद आने वाला 'चिंगम' अपने साथ बिल्कुल अलग माहौल लेकर आता है।

पीढ़ियों से चिंगम महीने का पहला दिन उम्मीद, समृद्धि और नई शुरुआत से जुड़ा रहा है। खासकर केरल के हिंदू समुदाय के बीच।

यह वह दिन है, जब परिवार पारंपरिक रूप से आने वाले साल के लिए आशीर्वाद पाने के लिए मंदिरों में जाते हैं।

कई लोगों के लिए सुबह की शुरुआत प्रार्थनाओं और मंदिर के दर्शन के साथ होती है, जबकि अन्य लोग एक नया उद्यम शुरू करने या व्यवसाय खोलने के लिए इस अवसर को चुनते हैं। यह मानते हुए कि चिंगम 1 एक नई यात्रा शुरू करने का एक शुभ समय है।

इस समय सबरीमाला मंदिर के दरवाजे भी मासिक पूजा के लिए खुलते हैं, जिससे श्रद्धालु पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर की ओर खिंचे चले आते हैं। चिंगम केरल के पहनावे के तौर-तरीकों में भी एक सुखद बदलाव लाता है।

महिलाएं अक्सर शानदार पारंपरिक केरल साड़ी पहनकर बाहर निकलती हैं, जबकि पुरुष पारंपरिक रूप से सादी सफेद धोती पसंद करते हैं, जिससे उत्सव में केरल की खास झलक मिलती है।

यह जरूरी नहीं है, लेकिन पारंपरिक पोशाक इस दिन की पहचान का एक अहम हिस्सा बन गई है।

अपनी निजी धार्मिक मान्यताओं के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन भी उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने कोच्चि में मंदिर जाकर इस मौके को मनाया, जिससे चिंगम के पहले दिन को राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों रंग मिले।

चिंगम 1 इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केरल के सबसे बड़े त्योहार ओणम की शुरुआत का प्रतीक है।

मलयालम महीना 'चिंगम' असल में ओणम के मौसम का ही दूसरा नाम है। इस दौरान केरल पूकलम (रंगोली), पारंपरिक दावतों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और परिवार के साथ मेल-मिलाप से जीवंत हो उठता है।

इस साल ओणम का मुख्य उत्सव 25 अगस्त से 28 अगस्त तक चलेगा, जिससे इस महीने को लेकर उत्साह और बढ़ गया है।

मंदिर की घंटियों की आवाज से लेकर ओणम के मौसम के पहले फूलों तक चिंगम केरल के माहौल में बदलाव का संकेत देता है। यह बदलाव कर्किडकम की शांति से आगे आने वाले रंगों और उत्सवों की ओर होता है।

जिस राज्य में शुभ शुरुआत को लंबे समय से खास महत्व दिया जाता रहा है, वहां 'चिंगम 1' का दिन कैलेंडर का पन्ना पलटने जैसा सामान्य नहीं है। यह एक नई शुरुआत का वादा है।

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Created On :   17 Aug 2026 3:49 PM IST

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