बिहार दरभंगा हवाई अड्डे की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ ने संभाला, डीजी ने तैयारियों की समीक्षा की

बिहार दरभंगा हवाई अड्डे की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ ने संभाला, डीजी ने तैयारियों की समीक्षा की
दरभंगा हवाई अड्डे पर सुरक्षा की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से सौंपे जाने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने हवाई अड्डे का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तैनात कर्मियों के लिए परिचालन तैयारियों और कल्याणकारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

पटना, 15 मई (आईएएनएस)। दरभंगा हवाई अड्डे पर सुरक्षा की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से सौंपे जाने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने हवाई अड्डे का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तैनात कर्मियों के लिए परिचालन तैयारियों और कल्याणकारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

उनके साथ बिनिता ठाकुर और सेंथिल अवूदई कृष्णा राज एस सहित वरिष्ठ अधिकारी भी थे।

दौरे के दौरान, महानिदेशक ने बैरक आवास, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का निरीक्षण किया ताकि सुचारू तैनाती और बीसीएएस द्वारा निर्धारित विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

इस दौरे ने विमानन सुरक्षा और कर्मियों के कल्याण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए सीआईएसएफ की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को आयोजित एक समारोह में हवाई अड्डे की सुरक्षा औपचारिक रूप से सीआईएसएफ को सौंप दी थी।

इससे पहले, हवाई अड्डे की सुरक्षा बिहार पुलिस द्वारा संभाली जा रही थी।

इस घटनाक्रम के साथ, दरभंगा देश का 72वां हवाई अड्डा बन गया है जिसे सीआईएसएफ की सुरक्षा में रखा गया है, और पटना और गया के बाद बिहार का तीसरा हवाई अड्डा है।

यह तैनाती रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि हवाई अड्डा भारत-नेपाल सीमा के निकट है, जो तस्करी, सीमा पार गतिविधियों और ड्रोन से संबंधित उभरते खतरों जैसी चिंताओं के लिए अक्सर चर्चा में रहता है।

सीमा लगभग 729 किलोमीटर लंबी है, इसलिए कड़ी निगरानी बेहद जरूरी है।

पहले चरण में, लगभग 145 सीआईएसएफ कर्मियों को तैनात किया गया है।

उनकी जिम्मेदारियों में यात्री सुरक्षा, सामान की जांच, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया शामिल हैं।

बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली स्थापित की गई है, जिसमें उच्च तकनीक वाली स्क्रीनिंग प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, ​​प्रवेश नियंत्रण तंत्र और तोड़फोड़ रोधी जांच शामिल हैं।

आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी), बम निरोधक दस्ता और विस्फोटक पहचान में प्रशिक्षित के-9 इकाइयों सहित विशेष इकाइयां भी तैनात की गई हैं।

गौरतलब है कि दरभंगा हवाई अड्डा भारतीय वायु सेना स्टेशन के भीतर एक सिविल एन्क्लेव के रूप में संचालित होता है, जिसके कारण कड़ी निगरानी आवश्यक है।

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Created On :   15 May 2026 7:17 PM IST

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