विरोध: अटलांटा लिखी काली पट्टी बांध प्रदर्शन, 98 करोड़ के भू-अधिग्रहण की फाइल गायब होने का आरोप, आयुक्त ने दिए केस दर्ज करने के आदेश

अटलांटा लिखी काली पट्टी बांध प्रदर्शन, 98 करोड़ के भू-अधिग्रहण की फाइल गायब होने का आरोप, आयुक्त ने दिए केस दर्ज करने के आदेश
  • 98 करोड़ के भू-अधिग्रहण की मूल फाइल गायब, महासभा में हंगामा
  • आयुक्त ने दिए केस दर्ज करने के आदेश, रिकॉर्ड पर उठे सवाल
  • 1200 संपत्तियों का रिकॉर्ड नहीं मिलने पर उपमहापौर नाराज
  • ‘अटलांटा’ लिखी काली पट्टी बांधकर नगरसेवक ने जताया विरोध

Jalgaon News. शिवाजी नगर क्षेत्र की दो जगहों के करीब 98 करोड़ रुपये के भू-अधिग्रहण मामले की मूल फाइल महानगरपालिका से गायब होने का मुद्दा महासभा में जोरदार तरीके से उठा। सदन नेता नितीन लढ्ढा ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मूल फाइल ही नहीं मिल रही है, तो उसमें ऐसा क्या राज छिपा है, जिसकी वजह से उसे सामने नहीं लाया जा रहा। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी। इस पर आयुक्त ज्ञानेश्वर ढेरे ने तुरंत मामला दर्ज करने के आदेश दिए।

भू-अधिग्रहण के इस गंभीर मुद्दे पर नगर रचना विभाग के सहायक संचालक अमोल पाटील ने प्रशासन का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 के चर्चित घरकुल मामले में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने महानगरपालिका के कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त कर लिए थे, जो अब तक वापस नहीं मिले हैं। इस संबंध में पुलिस से कई बार पत्राचार किया गया और व्यक्तिगत रूप से पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात की गई, लेकिन रिकॉर्ड अब तक उपलब्ध नहीं हो सके हैं।

इस दौरान गजानन मालपुरे ने ख्वॉजामिया के सामने की जगह विकसित करने के प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उनका आरोप था कि कीमती सार्वजनिक जमीन के लेन-देन में पारदर्शिता नहीं बरती गई और सस्ते दामों पर संपत्ति देकर महानगरपालिका को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

उपमहापौर मनोज चौधरी ने स्वास्थ्य विभाग के कामकाज और कर्मचारियों की हाजिरी में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। इस पर अधिकारी उदय पाटील ने स्वीकार किया कि कुछ स्तर पर त्रुटियां हो सकती हैं और दोषियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मार्च महीने में ‘बीव्हीजी’ कंपनी पर 13 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

सभा में महानगरपालिका की मालिकाना हक वाली 1200 जगहों का मुद्दा भी गरमाया। उपमहापौर मनोज चौधरी ने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीने से रिकॉर्ड मांगे जाने के बावजूद जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इस पर निर्माण और नगर विकास विभाग ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश की। अमोल पाटील ने कहा कि इन संपत्तियों से जुड़ा डेटा 20 से 25 हजार पन्नों का है और उसे स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड करने का काम जारी है। हालांकि, इन जगहों के दुरुपयोग से महानगरपालिका को भारी आर्थिक नुकसान होने का आरोप भी लगाया गया।

वहीं अरविंद देशमुख ने प्रशासन के विरोध में सिर पर ‘अटलांटा’ लिखी काली पट्टी बांधकर और काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे अटलांटा मामला हो या भू-अधिग्रहण का विवाद, महानगरपालिका अदालत में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में विफल साबित हो रही है।

Created On :   15 May 2026 7:13 PM IST

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