ओडिशा गंजाम के बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव मदद मिलेगी, सीएम मोहन माझी ने दिए निर्देश

ओडिशा गंजाम के बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव मदद मिलेगी, सीएम मोहन माझी ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को गंजाम जिले के विधायकों के साथ विस्तृत चर्चा की। हाल ही में आए चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद आई बाढ़ की स्थिति के कारण इस जिले को भारी नुकसान पहुंचा है।

भुवनेश्वर, 5 नवंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को गंजाम जिले के विधायकों के साथ विस्तृत चर्चा की। हाल ही में आए चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद आई बाढ़ की स्थिति के कारण इस जिले को भारी नुकसान पहुंचा है।

गुरुवार को यहां लोक सेवा भवन में मौजूदा हालात पर हुई इस चर्चा के दौरान राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी और मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक भी मौजूद थे।

विधायकों ने चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री को जिले में हुए नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री माझी ने कहा, "राज्य सरकार गंजाम जिले के हालात से पूरी तरह वाकिफ है और यह सुनिश्चित करेगी कि वहां के लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने आई केंद्रीय टीम के साथ भी राज्य के समग्र हालात और गंजाम जिले में हुए नुकसान के बारे में विस्तृत चर्चा की गई है।"

मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी को निर्देश दिया कि वे गंजाम जिले के प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत पहुंचाने और चक्रवात व बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाएं।

बता दें कि चक्रवात 'अर्नब' और उसके बाद आई बाढ़ से हुए भारी नुकसान का आकलन करने के लिए राज्य के दौरे पर आई केंद्रीय टीम ने गुरुवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने टीम से आग्रह किया कि वे अपनी रिपोर्ट में न केवल तत्काल राहत और पुनर्निर्माण के लिए सहायता की सिफारिश करें, बल्कि राज्य में बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपायों का भी सुझाव दें।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़, चक्रवात और लू (हीटवेव) जैसी प्राकृतिक आपदाएं अक्सर राज्य को प्रभावित करती हैं, जिससे विकास कार्यों में बाधा आती है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव रवि शंकर के नेतृत्व वाली टीम ने गंजाम और गजपति जिलों का दौरा किया और चक्रवात व बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा को ऐसे बुनियादी ढांचे की तत्काल आवश्यकता है जो चक्रवात और बाढ़ को झेल सके। इस तरह का बुनियादी ढांचा राज्य के लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण विकास कार्यों में कोई रुकावट न आए और ये काम तेजी से आगे बढ़ सकें। टीम लीडर रवि शंकर ने बताया कि सदस्यों ने गंजाम और गजपति जिलों के कई इलाकों का दौरा किया और देखा कि बाढ़ का लोगों के जीवन पर कितना गहरा असर पड़ा है।

गंजाम में, रुशिकुल्या नदी का पानी कई इलाकों में फैल गया, जिससे वहां भारी मात्रा में रेत जमा हो गई है। खेत, सड़कें, घर और सरकारी दफ्तर रेत से ढक गए हैं। हालांकि, कई घर गिरे तो नहीं हैं, लेकिन बाढ़ की वजह से उनका ढांचा कमजोर हो गया है।

उन्होंने कहा कि रुशिकुल्या नदी से लंबे समय तक गाद (सिल्ट) निकालने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि इस बड़ी आपदा से हुए नुकसान का पूरा आकलन करने में सात से आठ दिन का समय लगेगा।

ओडिशा सरकार की त्वरित कार्रवाई की तारीफ करते हुए रवि शंकर ने कहा कि चक्रवात और बाढ़ के बाद राज्य सरकार ने तेजी से राहत और बहाली का काम किया है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर सड़कों को फिर से चलने लायक बना दिया गया है और प्रभावित इलाकों में बिजली की आपूर्ति भी बहाल कर दी गई है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :  

Tags

Next Story