फ्रांस में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों कर्मचारी, देशभर में प्रदर्शन तेज

पेरिस, 5 नवंबर (आईएएनएस)। फ्रांस में गुरुवार को सैकड़ों कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। देश में येलो वेस्ट आंदोलन, ट्रेड यूनियनों, छात्रों और विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए विरोध प्रदर्शनों का दौर तेज हो गया है।
फ्रांस 24 की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेड यूनियनों ने उच्च वेतन की मांग और हाई स्कूल छात्रों के आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया। ये विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हो रहे हैं जब फ्रांसीसी सांसदों ने वर्ष 2027 के बजट विधेयक के पहले हिस्से को खारिज कर दिया है।
यूरो न्यूज के मुताबिक, सरकार का मूल बजट प्रस्ताव अब सीनेट के सामने पेश किया जाएगा, जहां 9 दिसंबर को इस पर मतदान होना है।
इसके बाद एक संसदीय समिति दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश करेगी और फिर विधेयक को दोबारा नेशनल असेंबली में पेश किया जाएगा।
फ्रांस में पिछले कई सप्ताह से विरोध प्रदर्शन जारी है। इसकी शुरुआत सितंबर में छात्रों द्वारा किए गए प्रदर्शनों से हुई थी। छात्रों ने कक्षाओं में अत्यधिक भीड़, शिक्षकों की कमी और विश्वविद्यालयों में प्रवेश से जुड़ी समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाई थी।
बाद में ट्रेड यूनियनों ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन किया और महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत तथा ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ मार्च निकाले।
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने कहा कि गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था के लिए 70,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की प्राथमिक जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हों और किसी तरह की हिंसा न हो।
नुनेज ने बताया कि खुफिया एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि कुछ कट्टर वामपंथी समूह और हिंसक प्रदर्शनकारी संगठन इन प्रदर्शनों में विशेष रुचि दिखा रहे हैं।
उनके मुताबिक, ऐसे समूहों का उद्देश्य अशांति फैलाना, बिना अनुमति मार्च निकालना और व्यापारिक प्रतिष्ठानों या सरकारी इमारतों को निशाना बनाकर लूटपाट एवं तोड़फोड़ करना हो सकता है।
फ्रांस के अधिकारियों ने पेरिस में ट्रेड यूनियनों द्वारा प्रस्तावित मार्च मार्ग पर कुछ प्रतिबंध लगाए और प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक मार्ग की अनुमति दी।
सरकार का यह कदम 17 और 18 अक्टूबर को हुए उन घटनाक्रमों के बाद उठाया गया है, जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और लूटपाट की घटनाएं सामने आई थीं।
वहीं, ट्रेड यूनियनों और मानवाधिकार संगठनों ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ी पुलिस कार्रवाई और विरोध प्रदर्शनों को सीमित करने के लिए अपनाए गए सरकारी उपायों की आलोचना की है।
फ्रांसीसी पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
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