सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन मोड में दिल्ली सरकार, पीजी सुरक्षा नियमों की होगी समीक्षा

सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन मोड में दिल्ली सरकार, पीजी सुरक्षा नियमों की होगी समीक्षा
सत्य निकेतन इमारत हादसे में सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि राजधानी में भवनों की सुरक्षा जांच और सख्त की जाएगी। साथ ही पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों से जुड़े नियमों की समीक्षा कर सुरक्षा मानकों को मजबूत किया जाएगा।

नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। सत्य निकेतन इमारत हादसे में सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि राजधानी में भवनों की सुरक्षा जांच और सख्त की जाएगी। साथ ही पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों से जुड़े नियमों की समीक्षा कर सुरक्षा मानकों को मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आयोजित एक संयुक्त समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में दिल्ली में भवन सुरक्षा, छात्र आवास और पीजी नियमों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि बैठक में सुरक्षा मानकों की सख्त जांच, जिम्मेदारी तय करने और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जो पीजी से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा करेगी। यह समिति विश्वविद्यालयों, नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के माध्यम से छात्रों के लिए आवास सुविधाएं बढ़ाने की संभावनाओं का भी अध्ययन करेगी।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार छात्रों के लिए डीडीए के खाली पड़े आवासों के उपयोग की संभावना पर भी विचार करेगी, ताकि सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराए जा सकें।

बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि राजधानी के मौजूदा पीजी भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा, जिससे उनकी सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती का आकलन किया जा सके।

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में छात्र आवासों की स्थिति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह कदम उठाया गया है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोमवार को बताया था कि इमारत गिरने की घटना के संबंध में एमसीडी के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित अधिकारियों में दक्षिणी जोन के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने शहरभर में अवैध पांचवीं मंजिल वाले भवनों की पहचान कर उन्हें सील करने के लिए विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि आसपास के पीजी और अन्य भवनों की भी गहन जांच की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, "जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा या जिसकी जिम्मेदारी सामने आएगी, उसे बख्शा नहीं जाएगा।"

बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली सरकार के ये कदम असुरक्षित भवनों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई के संकेत हैं। साथ ही सरकार दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और सुलभ आवास की कमी को दूर करने की दिशा में भी काम कर रही है।

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Created On :   7 Sept 2026 11:11 PM IST

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