अजमल ने कांग्रेस पर 'एक और मुस्लिम लीग' की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया
गुवाहाटी, 7 मई (आईएएनएस)। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने गुरुवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी 'एक और मुस्लिम लीग' बन गई है और असम में एक प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रही है।
बिनाकंडी विधानसभा क्षेत्र से अपनी जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अजमल ने दावा किया कि कांग्रेस ने अल्पसंख्यक समुदायों को छोड़ दिया है और अप्रत्यक्ष रूप से राज्य में भाजपा को राजनीतिक रूप से मदद की है।
अजमल ने कहा कि कांग्रेस अब एक वास्तविक विपक्षी ताकत के रूप में काम नहीं कर सकती। यह एक और मुस्लिम लीग की तरह हो गई है और लोगों के वास्तविक मुद्दों को उठाने में विफल रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अब एआईयूडीएफ असम विधानसभा में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को चुनौती देने की जिम्मेदारी संभालेगी।
एआईयूडीएफ नेता ने कहा कि भले ही पार्टी को मुट्ठी भर सीटें ही मिली हों, लेकिन उसके विधायक अल्पसंख्यकों, बेदखली अभियानों, नजरबंदी केंद्रों और डी-वोटर प्रणाली से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक एआईयूडीएफ विधायक भी सौ आवाजों के बराबर होगा।
अजमल ने आरोप लगाया कि असम में मुसलमानों को पिछले कई वर्षों से भय, असुरक्षा और अपमान का सामना करना पड़ा है, लेकिन कांग्रेस मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार का कड़ा विरोध करने के बजाय चुप रही।
मिया समुदाय के इर्द-गिर्द चल रही राजनीतिक बयानबाजी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक मतदाताओं को कांग्रेस से मजबूत रुख की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी की निष्क्रियता से वे निराश हुए।
अजमल के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व विपक्ष में पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने में विफल रहा, जिसके कारण एआईयूडीएफ सत्ताधारी दल के खिलाफ प्रमुख आवाज बनकर उभरा।
उन्होंने गौरव गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वे भाजपा का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने में विफल रहे हैं।
एआईयूडीएफ अध्यक्ष ने आगे दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस और भाजपा दोनों ने मिलकर उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए समन्वय किया।
पार्टी के आंतरिक मामलों पर अजमल ने एआईयूडीएफ से नेताओं के अलग होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को संगठनात्मक मतभेदों और अनुशासनहीनता के मुद्दों के कारण हटाया गया है।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   7 May 2026 9:31 PM IST












