आईएनसी लीगल फेलोशिप के लिए चुने गए आवेदकों के इंटरव्यू 12 अप्रैल तक पूरे हो जाएंगे अभिषेक मनु सिंघवी
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस पार्टी के विधि, मानवाधिकार और आरटीआई विभाग के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने घोषणा की कि आईएनसी लीगल फेलोशिप के लिए चुने गए आवेदकों के इंटरव्यू रविवार तक पूरे हो जाएंगे।
फेलोशिप प्रोग्राम को मिले रिस्पॉन्स का जिक्र करते हुए सिंघवी ने कहा कि इस रिस्पॉन्स से उत्साहित होकर, डिपार्टमेंट आने वाले सालों में फेलोशिप का काफी विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने एक बयान में कहा कि हमें 2,000 आवेदन मिले, और एक सख्त स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद, काबिल उम्मीदवारों के एक चुने हुए ग्रुप को फाइनल इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है, जो 11 और 12 अप्रैल के बीच होने हैं।
सिंघवी ने बताया कि फाइनल इंटरव्यू एक पैनल की ओर से लिए जाएंगे, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट प्रशांतो चंद्र सेन, एडवोकेट और इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन के संस्थापक अपार गुप्ता, और एडवोकेट और लेखिका आलिया वजीरी शामिल होंगी।
कानून ग्रेजुएट्स के लिए इस तीन महीने की स्कॉलरशिप के साथ हर महीने 50,000 रुपए का स्टाइपेंड भी मिलेगा।
सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कानून, मानवाधिकार और आरटीआई डिपार्टमेंट का मुख्य फोकस कानूनी रूप से प्रशिक्षित पेशेवरों की एक मजबूत, भविष्य के लिए तैयार टीम बनाने पर है, जो संवैधानिक शासन में सार्थक योगदान देने में सक्षम हों। कांग्रेस ने 3 मार्च को आईएनसी लीगल फेलोशिप का पहला संस्करण लॉन्च किया।
बयान में कहा गया कि यह पहल युवा कानूनी विशेषज्ञों को संसदीय और संवैधानिक कार्यों में शामिल करने की दिशा में एक अहम कदम था। बयान में आगे कहा गया कि कानूनी प्रशिक्षण और विधायी कार्यों के बीच एक पुल का काम करने वाले एक मंच के तौर पर सोची गई यह फेलोशिप, युवा पेशेवरों को संसद सदस्यों के साथ मिलकर अहम कानूनी, संवैधानिक और नीतिगत मुद्दों पर काम करने का अवसर देती है।
यह स्कॉलरशिप उन कानून ग्रेजुएट्स के लिए घोषित की गई थी, जिन्होंने यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से तीन या पांच साल का एलएलबी कोर्स पूरा किया हो और जिनकी उम्र 24 से 30 साल के बीच हो। फेलोशिप ब्रोशर के अनुसार, यह तीन महीने की स्कॉलरशिप जून और अगस्त के बीच आयोजित होने की संभावना है।
बयान में कहा गया कि फेलोशिप पाने वाले लोग बिलों, संशोधनों और समिति की रिपोर्टों पर विधायी शोध करने, संसदीय प्रश्न, हस्तक्षेप और बहस के लिए संक्षिप्त नोट तैयार करने और शासन व अधिकारों पर असर डालने वाले अहम कानूनी और नीतिगत घटनाक्रमों पर नजर रखने के कार्यों में शामिल होंगे।
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Created On :   11 April 2026 11:53 PM IST












