डिफेंस स्टार्टअप और एआरडीई ने मिलकर 100 दिनों में स्वदेशी राइफल विकसित की

डिफेंस स्टार्टअप और एआरडीई ने मिलकर 100 दिनों में स्वदेशी राइफल विकसित की
हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनी 'द्विपा डिफेंस' और एआरडीई ने मिलकर 'उग्रम 7.62x51 मिमी की युद्धक राइफल' बनाई है। इस राइफल ने सेना और गृह मंत्रालय (एमएचए) के जरूरी ट्रायल पूरे कर लिए हैं।

हैदराबाद, 6 जुलाई (आईएएनएस)। हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनी 'द्विपा डिफेंस' और एआरडीई ने मिलकर 'उग्रम 7.62x51 मिमी की युद्धक राइफल' बनाई है। इस राइफल ने सेना और गृह मंत्रालय (एमएचए) के जरूरी ट्रायल पूरे कर लिए हैं।

द्विपा और डीआरडीओ के आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (एआरडीई) ने मिलकर उग्रम राइफल बनाई है। अब कई सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) इसे खरीदने की प्रक्रिया में हैं।

इस राइफल को सिर्फ 100 दिनों में डिजाइन और तैयार किया गया था। इसे देश के सबसे तेज स्वदेशी हथियार विकास कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।

कंपनी के अनुसार, राइफल ने भरोसे और टिकाऊपन के कड़े टेस्ट पूरे कर लिए हैं और अब सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और एनएसजी द्वारा इसकी खरीद की प्रक्रिया चल रही है।

द्विपा ने बताया कि उग्रम में एक मॉडर्न गैस-ऑपरेटेड रोटेटिंग बोल्ट सिस्टम है, इसका वजन चार किलोग्राम से कम है, और इसकी असरदार रेंज 500 मीटर है।

द्विपा के मैनेजिंग डायरेक्टर सिबू जोसेफ के अनुसार, राइफल ने आर्मी जनरल स्टाफ क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट (जीएसक्यूआर) ट्रायल, सभी मौसमों में कड़े फील्ड टेस्ट, और एमएचए बोर्ड ट्रायल सफलतापूर्वक पास कर लिए हैं।

इस स्टार्टअप को 2021 में मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस मिला था। तब से इसने हैदराबाद में तेलंगाना सरकार द्वारा दी गई 13 एकड़ से ज्यादा जमीन पर एक पूरी तरह से तैयार प्रोडक्शन फैसिलिटी बनाई है।

कंपनी ने अब तक 100 से ज्यादा स्वदेशी हथियार सिस्टम और उनके अलग-अलग वर्शन बनाए हैं। उग्रम इसका मुख्य प्रोडक्ट बन गया है।

द्विपा का मानना ​​है कि उग्रम प्रोग्राम हैदराबाद को स्वदेशी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के हब के तौर पर मजबूत करने और छोटे हथियारों के लिए भारत की आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक अहम कदम है।

जोसेफ ने कहा, "हम भारतीय सुरक्षा बलों के लिए भारत में वर्ल्ड-क्लास डिफेंस प्रोडक्ट बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

कंपनी स्वदेशी हथियारों की एक रेंज भी विकसित कर रही है, जिसमें असॉल्ट राइफल, कार्बाइन, सब-मशीन गन, लाइट मशीन गन और एंटी-ड्रोन सिस्टम शामिल हैं।

2018 में शुरू हुई द्विपा डिफेंस अब प्राइवेट भारतीय डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स की नई पीढ़ी में शामिल हो गई है।

कंपनी स्वदेशी हथियारों की एक रेंज भी बनाती है, जिसमें यू-19 सब-मशीन गन, अल्ट्रा-लाइट मशीन गन (यूएलएमजी), यू-45 असॉल्ट राइफल और यू-39 प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इसके साथ ही, उग्रम आर्किटेक्चर पर आधारित एक हथियार वाला एंटी-ड्रोन सिस्टम भी बनाया जा रहा है।

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Created On :   6 July 2026 11:44 PM IST

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