दिल्ली विधानसभा में 6 मई को कुमार विश्वास की 'संगीतमय राम कथा' का आयोजन

दिल्ली विधानसभा में 6 मई को कुमार विश्वास की संगीतमय राम कथा का आयोजन
एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि राम कथाकार और प्रख्यात वक्ता कुमार विश्वास द्वारा 6 मई को दिल्ली विधानसभा में 'संगीतमय राम कथा' नामक एक विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि राम कथाकार और प्रख्यात वक्ता कुमार विश्वास द्वारा 6 मई को दिल्ली विधानसभा में 'संगीतमय राम कथा' नामक एक विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

अधिकारी ने एक बयान में कहा कि 'अपने अपने राम' शीर्षक वाली यह संगीतमय प्रस्तुति भगवान राम के आदर्शों और मानवीय मूल्यों को जीवंत करेगी और समाज के हर वर्ग को धर्म, सत्यनिष्ठा और कर्तव्य की गहरी भावना के मूल्यों से प्रेरित करेगी।

इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भगवान राम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और दर्शन के सर्वोच्च आदर्शों के साक्षात स्वरूप हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भगवान राम का जीवन हमें सिखाता है कि सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी, सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस 'संगीतमय राम कथा' के माध्यम से इन शाश्वत आदर्शों को समकालीन संदर्भ में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे युवा पीढ़ी इनसे अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ सकेगी और इन्हें आत्मसात कर सकेगी।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्रियों, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्रिपरिषद के सदस्यों, दिल्ली से संसद सदस्यों (लोकसभा और राज्यसभा), दिल्ली विधानसभा के सभी सदस्यों और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आगे कहा कि भगवान राम के जीवन की प्रमुख घटनाओं, जैसे बलिदान, संघर्ष, कर्तव्यनिष्ठा और अनुकरणीय नेतृत्व को संगीत, कविता और कथा के सामंजस्यपूर्ण मिश्रण के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति न केवल आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगी बल्कि सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देगी और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता को मजबूत करेगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में ऐसे कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा में मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भगवान राम के जीवन का मूल संदेश 'मर्यादा' (धार्मिक आचरण और अनुशासन) है, एक ऐसा सिद्धांत जो व्यक्तियों में उत्तरदायित्व और नैतिक सीमाओं की भावना पैदा करता है।

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि चाहे वे आदर्श पुत्र हों, न्यायप्रिय राजा हों या दयालु मनुष्य, उनके जीवन का हर पहलू समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यही कारण है कि 'राम कथा' केवल एक धार्मिक कथा नहीं है, बल्कि एक सार्थक जीवन जीने का एक व्यापक मार्गदर्शक है।

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Created On :   2 May 2026 8:51 PM IST

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