तुर्किए के विदेश मंत्री ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी के नेताओं से की मुलाकात
ढाका, 7 जून (आईएएनएस)। तुर्किए और बांग्लादेश के बीच बातचीत गहरी होती जा रही है। ढाका में तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीके खोजने पर चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेताओं से भी मुलाकात की।
बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के गिराए जाने के बाद देश में कुछ समय के लिए यूनुस की सरकार सत्ता में रही। हालांकि, इस साल की फरवरी में देश में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सरकार की वापसी हुई।
बीएनपी के सत्ता में आने के बाद से बांग्लादेश की विदेश नीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बांग्लादेश का झुकाव तुर्किए और पाकिस्तान जैसे देशों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
शुक्रवार को नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी ढाका में फिदान से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम कर रहे थे।
मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया गया, "विदेश मंत्री फिदान ने एनसीपी लीडरशिप को जुलाई रेवोल्यूशन में उनकी अहम भूमिका के लिए बधाई दी, जिसकी वजह से शेख हसीना सरकार गिरी थी।"
इसके अलावा, तुर्किए के विदेश मंत्री ने कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के चीफ शफीकुर रहमान की लीडरशिप में छह लोगों के डेलीगेशन से भी मुलाकात की। जमात ने एक्स पर मीटिंग की डिटेल्स साझा करते हुए लिखा, “बातचीत आपसी फायदे के अलग-अलग मुद्दों पर फोकस रही, जिसमें उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने शामिल है।”
शुक्रवार को फिदान ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के साथ मीटिंग के दौरान बांग्लादेश के साथ, खासकर रक्षा क्षेत्र में, संबंध मजबूत करने के अंकारा की प्रतिबद्धता को फिर से कंफर्म किया।
फिदान गुरुवार रात तीन दिन के आधिकारिक दौरे पर ढाका पहुंचे और शुक्रवार को खलीलुर के साथ एक रोहिंग्या कैंप भी गए।
तुर्किए के विदेश मंत्रालय के अनुसार, फिदान ने बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में रोहिंग्या कैंपों का दौरा किया और तुर्किए की एजेंसियों, जिनमें टीआईकेए, एएफएडी, टर्किश रेड क्रिसेंट, तुर्किए दियानेट फाउंडेशन, और दूसरे तुर्किए संस्थान शामिल हैं, की गतिविधियों के साथ-साथ तुर्किए के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे तुर्किए-बांग्लादेश अस्पताल द्वारा दी जा रही सेवाओं को भी देखा।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   7 Jun 2026 12:11 AM IST












