डिब्रूगढ़ की जनजागरण रैली संविधान का अपमान करने वालों को करारा जवाब हिमंता बिस्वा सरमा
गुवाहाटी, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को कहा कि डिब्रूगढ़ में आयोजित जनजागरण रैली में उमड़ी भारी भीड़ उन ताकतों के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, जो संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और जनता के जनादेश का अनादर कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में, उन्होंने कहा कि रैली में लोगों की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि जनता लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक व्यवस्था और जनादेश के सम्मान के पक्ष में खड़ी है तथा संविधान और संस्थाओं को कमजोर करने वाली शक्तियों को स्पष्ट संदेश देना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "डिब्रूगढ़ में उमड़ा यह जनसैलाब उन ताकतों के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है, जो देश के संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और जनता की राय का अनादर करना चाहती हैं।"
उन्होंने कहा कि लोग यहां फर्जी मतदाताओं के खिलाफ अपनी आवाज उठाने और देश की सुरक्षा के समर्थन में इकट्ठा हुए हैं।
डिब्रूगढ़ में आयोजित यह रैली असम भाजपा नेतृत्व द्वारा घोषित उन सार्वजनिक प्रदर्शनों की शृंखला का हिस्सा है, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों और आरोपों को लेकर कांग्रेस के साथ चल रहे राजनीतिक टकराव के बीच हो रहे हैं।
इससे पहले सरमा ने तेजपुर और बारपेटा रोड पर भी ऐसी ही शांतिपूर्ण रैलियों की घोषणा की थी। उन्होंने इन रैलियों को उन कोशिशों का जवाब बताया, जिनके जरिए कथित तौर पर सड़क पर विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव डालकर सत्ता बदलने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि चुनी हुई सरकार को केवल लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए ही बदला जा सकता है और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के प्रदर्शनों के जरिए लाखों मतदाताओं के जनादेश को चुनौती नहीं दी जानी चाहिए।
उनके इन ताजा बयानों से संकेत मिलता है कि भाजपा इन रैलियों को संवैधानिक संस्थाओं, चुनावी निष्पक्षता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए एक जन-आंदोलन के रूप में पेश करना चाहती है।
असम के प्रमुख शहरी केंद्रों में से एक और ऊपरी असम का अहम केंद्र होने के नाते डिब्रूगढ़ का राज्य की राजनीति में काफी महत्व है। सरमा की इन टिप्पणियों ने 'फर्जी मतदाताओं' के मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है; भाजपा इस मुद्दे को चुनावी विश्वसनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रही है।
मुख्यमंत्री लगातार राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साध रहे हैं, क्योंकि विपक्ष देश के कई राज्यों में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) से जुड़े मुद्दों को उठा रहा है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर राहुल गांधी के मार्च की सरमा ने आलोचना की।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता पर संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया, क्योंकि कांग्रेस पार्टी पिछले तीन आम चुनाव हार चुकी है और गांधी चुनावी प्रक्रिया के जरिए भाजपा को सत्ता से हटाने में नाकाम रहे हैं।
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Created On :   15 Oct 2026 10:41 PM IST












