सूखे से प्रभावित किसानों को हर संभव मदद करेगी सरकार सीएम देवेंद्र फडणवीस
नागपुर, 19 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण कई जिलों में सूखे जैसे हालात बने हैं। इससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है और कृषि उत्पादन में कमी की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता देगी।
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में फसलों की स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए थे। सरकार अगले सप्ताह शुरुआती समीक्षा करेगी। इसके बाद नुकसान का औपचारिक आकलन यानी पंचनामा किया जाएगा, ताकि किसानों को जल्द आर्थिक सहायता दी जा सके।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि फसल ऋण माफी योजना की प्रक्रिया जारी है। लाभार्थियों की तीन सूचियां पहले ही जारी की जा चुकी हैं और बाकी सूचियों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
अल नीनो के संभावित असर को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही चारे की खेती शुरू कर दी थी। अब प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत चारा पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
राज्य सरकार ने कुआं से सिंचाई करने वाले किसानों के लिए शाम के समय अतिरिक्त बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की है, ताकि वे अपनी खड़ी फसलों को बचा सकें। सिंगल-फेज बिजली आपूर्ति वाले क्षेत्रों में भी बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विपक्षी दलों की आलोचना पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सूखा राहत कार्यों के लिए सरकारी प्रस्ताव (जीआर) और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए इन तय दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र के तय नियमों का पालन करने के साथ राज्य सरकार अपने स्तर पर भी प्रभावित किसानों तक सहायता पहुंचा रही है।
इससे पहले सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा था कि महाराष्ट्र सरकार सूखे से निपटने और किसानों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम पहले ही उठा चुकी है। वह एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के उस पत्र का जवाब दे रहे थे, जिसमें महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात को देखते हुए राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कृषि ऋण माफी योजना पर काम जारी है। लाभार्थियों की तीन सूचियां पहले ही प्रकाशित की जा चुकी हैं और सभी पात्र किसानों को सहायता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सूचियां तैयार की जा रही हैं। 5 अक्टूबर से एनडीआरएफ के नियमों के अनुसार फसलों के नुकसान का आकलन यानी पंचनामा किया जाएगा और केंद्रीय आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए इसे भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार सूखे की स्थिति को बेहद गंभीरता से ले रही है। प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे और लोगों के लिए पीने के पानी की आवश्यक व्यवस्था की जा रही है।
शरद पवार के पत्र का स्वागत करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य प्रशासन इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिए बिना अन्य सकारात्मक सुझावों को भी अपनाने के लिए तैयार है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी महाराष्ट्र में बारिश की स्थिति की समीक्षा की और सूखे के कारण फसलों का भारी नुकसान झेल रहे किसानों को भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को अकेला नहीं छोड़ेगी और सूखे जैसे हालात वाले क्षेत्रों में पूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
शरद पवार की ओर से राज्य में सूखा घोषित करने और तुरंत राहत राशि देने की मांग पर शिंदे ने कहा कि विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में लंबे समय तक बारिश नहीं होने के कारण खड़ी फसलें सूख गई हैं। उन्होंने कहा कि फसलों को हुए वास्तविक नुकसान के आधार पर सहायता देने के लिए फिलहाल पंचनामे किए जा रहे हैं।
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Created On :   19 Sept 2026 6:27 PM IST












