मिस्र ने मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से बातचीत की

मिस्र ने मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से बातचीत की
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा करने के लिए सऊदी, जॉर्डन और जर्मन समकक्षों के साथ-साथ यूरोपीय आयोग के अधिकारियों के साथ अलग-अलग फोन पर बातचीत की।

काहिरा, 29 मार्च (आईएएनएस)। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा करने के लिए सऊदी, जॉर्डन और जर्मन समकक्षों के साथ-साथ यूरोपीय आयोग के अधिकारियों के साथ अलग-अलग फोन पर बातचीत की।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, फोन पर हुई इस बातचीत में अधिकारियों ने तनाव को "तत्काल कम करने" के प्रयासों को जारी रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राजनयिक मार्ग को प्राथमिकता देना और संवाद का रास्ता अपनाना ही क्षेत्र को विनाशकारी परिणामों वाली पूर्ण अराजकता से बचाने का एकमात्र उपाय है।

इन बातचीत में मिस्र द्वारा क्षेत्रीय साझेदारों के समन्वय से अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई, जिसका उद्देश्य वर्तमान संकट को समाप्त करना और क्षेत्र तथा विश्व को विनाशकारी परिणामों से बचाना था।

इससे पहले दिन में अब्देलट्टी इस्लामाबाद के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के अपने समकक्षों के साथ एक चतुष्पक्षीय मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। इस बैठक में क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव और तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा की गई।

इस बीच, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने शनिवार को मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष पर अधिकतम संयम बरतने का आह्वान किया और चेतावनी दी कि आगे तनाव बढ़ने से पूरे क्षेत्र में गंभीर और दीर्घकालिक क्षति हो सकती है।

इस्तांबुल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक संचार शिखर सम्मेलन में फिदान ने कहा कि मौजूदा तनाव से विभाजन और गहरा सकता है और इससे उन देशों पर भी असर पड़ सकता है, जिनका इतिहास आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसके परिणाम केवल तात्कालिक विनाश तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि दीर्घकालिक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी उत्पन्न करेंगे।

उन्होंने कहा, "यह संघर्ष मौजूदा घावों को और गहरा कर सकता है और न केवल शहरों बल्कि लोगों के दिलों और दिमागों को भी प्रभावित कर सकता है।"

फिदान ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक तनाव बढ़ने से पूरा क्षेत्र अस्थिरता की चपेट में आ सकता है और कहा कि कूटनीतिक प्रयासों से पहले भी ऐसी स्थितियों को टाला जा चुका है।

तुर्की के सैन्य तनाव बढ़ाने के विरोध को दोहराते हुए फिदान ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत की ओर लौटने का आह्वान किया। ये कूटनीतिक प्रयास 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच हुए हैं, जिसके जवाब में ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने मध्य पूर्व में इज़रायल और अमेरिका के ठिकानों पर हमले किए।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   29 March 2026 8:03 AM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story