एफसीआरए विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना, रिजिजू ने दी सफाई

एफसीआरए विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना, रिजिजू ने दी सफाई
विदेशी अंशदान (नियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधन केरल में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। चर्च लीडर्स और कांग्रेस ने इन बदलावों पर कड़ी आपत्ति जताई है, जबकि केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के आरोपों को सख्ती से खारिज किया है।

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 30 मार्च (आईएएनएस)। विदेशी अंशदान (नियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधन केरल में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। चर्च लीडर्स और कांग्रेस ने इन बदलावों पर कड़ी आपत्ति जताई है, जबकि केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के आरोपों को सख्ती से खारिज किया है।

केरल में विधानसभा चुनाव से पहले विदेशी अंशदान (नियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधन ने राजनीतिक और धार्मिक बहस को तेज कर दिया है।

ऑर्थोडॉक्स चर्च के सर्वोच्च प्रमुख बासिलिओस मार्थोमा मैथ्यूज III कैथोलिकस ने चेतावनी दी कि ये संशोधन चर्च के कामकाज को प्रभावित सकते हैं और लंबे समय से चल रहे सामाजिक सेवा कार्यों को प्रभावित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि चर्च कानूनी रूप से कार्य करता है। नए प्रावधान शिक्षा, स्वास्थ्य और धर्मार्थ संस्थाओं पर गंभीर पाबंदियां लगा सकते हैं। उन्होंने अल्पसंख्यकों के प्रति बदलते दृष्टिकोण पर भी चिंता जताई और दोहरी नीति का आरोप लगाया।

उन्होंने खुलासा किया कि चर्च के तीन बैंक खाते पहले ही बिना स्पष्ट कारण के बंद किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी तक अपनी चिंता पहुंचाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने तत्काल संशोधनों की समीक्षा या वापस लेने की मांग की और अन्य संप्रदायों के साथ मिलकर विरोध का संकेत दिया।

सिरो-मालाबार चर्च सहित अन्य ईसाई संप्रदायों ने कहा कि प्रस्तावित प्रावधान दशकों से विदेशी सहायता से स्थापित धर्मार्थ संस्थाओं को कमजोर कर सकते हैं। खासकर ऐसे नियम जो सरकार को लाइसेंस नवीनीकरण न होने पर संपत्ति पर कब्जा करने की अनुमति देते हैं।

कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि ये संशोधन भाजपा की 'बड़ी साजिश' का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों की स्वैच्छिक गतिविधियों को रोकना है।

वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री पी. विजयन पर भी एफसीआरए मुद्दे पर स्पष्ट रुख न लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा के खिलाफ व्यापक विपक्षी एकता कमजोर की।

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि एफसीआरए संशोधन किसी विशेष धार्मिक समूह को टारगेट नहीं करता। इसका उद्देश्य केवल विदेशी निधियों के दुरुपयोग को रोकना और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

केंद्र के अनुसार, कानून ईसाई संस्थाओं को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। ये आरोप बेबुनियाद हैं। सरकार का उद्देश्य विदेशी निधियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

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Created On :   30 March 2026 8:27 PM IST

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