अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने अमेरिकी कांग्रेस में अपनी पहली पेशी के दौरान कहा कि केंद्रीय बैंक महंगाई को काबू में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वाशिंगटन, 15 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने अमेरिकी कांग्रेस में अपनी पहली पेशी के दौरान कहा कि केंद्रीय बैंक महंगाई को काबू में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि फेडरल रिजर्व लगातार मूल्य स्थिरता बनाए रखने की दिशा में काम कर रहा है और बढ़ती महंगाई को किसी भी कीमत पर लंबे समय तक बने रहने नहीं देगा।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के सामने केविन वार्श ने बताया कि जून में हुई फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक में संघीय ब्याज दर को 3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में ही रखने का फैसला लिया गया।

उन्होंने कहा, "हमारी समिति के सदस्य लंबे समय तक ऊंची महंगाई को बिल्कुल स्वीकार नहीं करेंगे। हम 2 प्रतिशत महंगाई के लक्ष्य को हासिल करने और कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह जिम्मेदारी किसी और पर डालने का समय नहीं है।"

केविन वार्श ने कहा कि हाल के वैश्विक घटनाक्रमों के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। घरेलू उपभोग में कुछ नरमी आई है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग लगातार बढ़ रहा है और श्रम बाजार भी मजबूत बना हुआ है। हालांकि, हाउसिंग क्षेत्र अभी भी अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया है।

उन्होंने माना कि विदेशों में चल रहे संघर्ष और अन्य वैश्विक घटनाएं फेडरल रिजर्व के नियंत्रण से बाहर हैं, लेकिन ब्याज दरों और केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट के प्रभावी प्रबंधन के जरिए महंगाई को नियंत्रित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, "हमारे पास इसके लिए सभी जरूरी उपकरण हैं। हमारे पास प्रतिबद्धता, जिम्मेदारी और साधन, तीनों मौजूद हैं और हम अपना लक्ष्य हासिल करेंगे।"

केविन वार्श ने कहा कि इस समय अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत कारोबार में बढ़ता निवेश है। पहली तिमाही में मशीनों और उपकरणों में निवेश करीब 8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि हाई-टेक उपकरणों पर खर्च में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसका बड़ा कारण डेटा सेंटरों का निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े उपकरणों और सॉफ्टवेयर की बढ़ती मांग है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि एआई से अर्थव्यवस्था को कितना फायदा होगा, लेकिन भविष्य में एआई से जुड़ा निवेश सामान्य निवेश का ही हिस्सा माना जाएगा। इस बात पर भी नजर रखा जा रहा है कि एआई का रोजगार और महंगाई पर क्या असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि उत्पादकता की वृद्धि मजबूत बनी हुई है, श्रमबल स्थिर है और रोजगार सृजन भी कार्यबल की वृद्धि के अनुरूप जारी है।

सुनवाई के दौरान केविन वार्श ने यह भी घोषणा की कि फेडरल रिजर्व पांच प्रमुख क्षेत्रों (संचार व्यवस्था, बैलेंस शीट नीति, मौजूदा आंकड़ों के उपयोग, उत्पादकता एवं रोजगार तथा महंगाई के ढांचे) की व्यापक समीक्षा करेगा। इन विषयों पर गठित टास्क फोर्स वर्ष के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।

कांग्रेस की सुनवाई के दौरान राजनीतिक मतभेद भी सामने आए। रिपब्लिकन समिति अध्यक्ष फ्रेंच हिल ने फेडरल रिजर्व से मूल्य स्थिरता पर पूरा ध्यान बनाए रखने की अपील की, जबकि डेमोक्रेटिक सदस्य मैक्सीन वॉटर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए।

इस पर केविन वार्श ने कहा, "हम एक स्वतंत्र केंद्रीय बैंक हैं, और हमें अपनी स्वतंत्रता पर गर्व है।" राजनीतिक दबाव के सवाल पर, उन्होंने दो टूक कहा, "मैं अपना काम करता रहूंगा।"

फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसलों का असर न केवल अमेरिका में कर्ज की लागत और डॉलर की मजबूती पर पड़ता है, बल्कि वैश्विक निवेश, दुनिया के केंद्रीय बैंकों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों पर भी इसका सीधा प्रभाव देखने को मिलता है।

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Created On :   15 July 2026 12:18 PM IST

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