वन्यजीव संरक्षण के लिए कॉर्पोरेट फंडिंग को बढ़ावा देने के लिए जून में होगा पहले इंटरनेशनल बिग कैट समिट का आयोजन

वन्यजीव संरक्षण के लिए कॉर्पोरेट फंडिंग को बढ़ावा देने के लिए जून में होगा पहले इंटरनेशनल बिग कैट समिट का आयोजन
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि भारत 1 और 2 जून को राष्ट्रीय राजधानी में पहले इंटरनेशनल बिग कैट समिट का आयोजन करेगा। उन्होंने उद्योग जगत से बिग कैट संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की। मंत्री ने ये बातें 'फ्यूचर ऑफ द ग्लोबल इकॉनमी, इंडस्ट्री एंड सोसाइटी, एंड द विजन फॉर इंडिया@100' विषय पर आयोजित सीआईआई सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं।

नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि भारत 1 और 2 जून को राष्ट्रीय राजधानी में पहले इंटरनेशनल बिग कैट समिट का आयोजन करेगा। उन्होंने उद्योग जगत से बिग कैट संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की। मंत्री ने ये बातें 'फ्यूचर ऑफ द ग्लोबल इकॉनमी, इंडस्ट्री एंड सोसाइटी, एंड द विजन फॉर इंडिया@100' विषय पर आयोजित सीआईआई सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आईबीसीए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल है, जिसका उद्देश्य दुनिया की सात बड़ी बिल्लियों — बाघ, शेर, चीता, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, जगुआर और प्यूमा — की सुरक्षा करना है।

उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं से कॉरपोरेट फंडिंग और साझेदारी के जरिए वैश्विक बिग कैट संरक्षण अभियान को मजबूत करने का आग्रह किया।

मंत्री ने कहा, "बिग कैट संरक्षण के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे प्राकृतिक आवास बहाली, तकनीक आधारित निगरानी, सामुदायिक संरक्षण, क्षमता निर्माण और जागरूकता अभियान के लिए कॉरपोरेट फंडिंग बेहद जरूरी है।"

उन्होंने सभी लोगों से आगे आकर बड़ी बिल्लियों को बचाने की अपील की।

भूपेंद्र यादव ने कहा, "जब हम इन जानवरों का भविष्य बचाते हैं, तो हम अपना भविष्य भी सुरक्षित करते हैं, क्योंकि ये शीर्ष शिकारी होने के साथ-साथ 'अंब्रेला स्पीशीज' भी हैं, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता और जल संसाधनों की रक्षा करने में अहम भूमिका निभाते हैं।"

मंत्री ने यह भी बताया कि सीआईआई पहले से ही आईबीसीए के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) कर चुका है।

भारत@100 के विजन और देश की विकास यात्रा पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), हरित तकनीक, डिजिटल अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक बदलाव और जलवायु चुनौतियों के कारण 'बड़े बदलाव के दौर' से गुजर रही है।

उन्होंने कहा, "यह सिर्फ बदलाव का दौर नहीं है, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है।"

मंत्री ने कहा कि भारत नवाचार, आर्थिक विकास, स्थिरता और सामाजिक समावेशन को साथ लेकर चलने की वजह से वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत अब नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। मार्च 2026 तक देश की कुल सौर ऊर्जा क्षमता बढ़कर 150 गीगावाट हो गई है, जबकि 2014 में यह सिर्फ 2.82 गीगावाट थी।

उन्होंने कहा कि भारत ने 2030 के लक्ष्य से पहले ही अपनी कुल बिजली क्षमता का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से हासिल कर लिया है।

मंत्री ने बताया कि भारत ने 2005 से 2020 के बीच अपनी जीडीपी की उत्सर्जन तीव्रता को 36 प्रतिशत तक कम कर दिया है। साथ ही भारत ने हाल ही में यूएनएफसीसीसी और पेरिस समझौते के तहत अपनी पहली द्विवार्षिक पारदर्शिता रिपोर्ट भी जारी की है।

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Created On :   11 May 2026 6:45 PM IST

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