आसान होगी लैंडिंग: एयरपोर्ट पर लगा मिड-प्वाइंट रनवे विजुअल रेंज सिस्टम, पायलट, एटीसी को मिलेगा सटीक विजिबिलिटी अपडेट

एयरपोर्ट पर लगा मिड-प्वाइंट रनवे विजुअल रेंज सिस्टम, पायलट, एटीसी को मिलेगा सटीक विजिबिलिटी अपडेट
  • हवाई अड्डे के रनवे की निगरानी के लिए एक और हाईटेक सेंसर लगाया
  • कोहरे, बारिश या खराब मौसम में रनवे पर कितनी दूरी तक साफ दिखाई दे रहा है, इसकी सटीक जानकारी देता है

Nagpur News. डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे की निगरानी के लिए एक और हाईटेक सेंसर लगाया गया है। इसे मिड-प्वाइंट रनवे विजुअल रेंज (आरवीआर) सिस्टम कहा जाता है। आसान भाषा में कहें, तो यह रनवे के बीच में लगी ऐसी ‘तीसरी आंख’ है, जो कोहरे, बारिश या खराब मौसम में रनवे पर कितनी दूरी तक साफ दिखाई दे रहा है, इसकी सटीक जानकारी देता है। अब तक एयरपोर्ट के रनवे के दोनों सिरों पर आरवीआर सेंसर लगे थे। अब पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को रनवे की पूरी विजिबिलिटी की सही और रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।

उड़ान सुरक्षा और मजबूत होगी

डॉ. रिजवान अहमद, निदेशक, वैमानिक मौसम कार्यालय के मुताबिक मिड-प्वाइंट आरवीआर शुरू होने से उड़ान सुरक्षा और मजबूत होगी। इससे पायलटों को ज्यादा सटीक जानकारी मिलेगी। मौसम की वजह से होने वाली परेशानियां कम होंगी। यह सिस्टम भविष्य में कैट-II लैंडिंग सिस्टम के लिए भी अहम है, जिससे बहुत कम विजिबिलिटी में भी विमान सुरक्षित तरीके से उतर सकेंगे।

पायलटों को होगी आसानी

वैमानिक मौसम कार्यालय (एएमओ) नागपुर द्वारा यह अत्याधुनिक सेंसर स्थापित किया गया है। एयरपोर्ट का रनवे करीब 3200 मीटर लंबा है। नया मिड-प्वाइंट आरवीआर सेंसर रनवे के लगभग 1500 से 1700 मीटर के बीच में लगाया गया है। सेंसर लगातार रनवे की विजिबिलिटी मापता है। उसका डेटा सीधे और एएमओ कार्यालय और एटीसी टावर तक भेजता है। इसके बाद एटीसी पायलटों को रनवे की स्थिति की जानकारी देता है।

पूरा रनवे सेंसर की निगरानी में - पायलट, एटीसी को मिलेगा सटीक विजिबिलिटी अपडेट

फरवरी-मार्च 2025 में रनवे के दोनों छोर पर आरवीआर सिस्टम लगाए गए थे, जबकि मिड-प्वाइंट सिस्टम अंतिम चरण में था। अब इसे भी पूरी तरह ऑपरेशनल कर दिया गया है। पूरी प्रक्रिया में करीब दो साल लगे। नागपुर एयरपोर्ट पर पहले ही रनवे के दोनों सिरों पर उन्नत आरवीआर सिस्टम लगाए जा चुके थे। अब तीसरा मिड-प्वाइंट आरवीआर के शुरू होने से एयरपोर्ट की कम दृश्यता में संचालन क्षमता और मजबूत हो गई है। इस सिस्टम में फॉरवर्ड स्कैटर विजिबिलिटी सेंसर, एम्बिएंट लाइट सेंसर और रनवे लाइट इंटेंसिटी मॉनिटर लगाए गए हैं। सेंसर रनवे सेंटर लाइन से लगभग 60 से 150 मीटर दूरी पर और जमीन से करीब 2.5 मीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया गया है।

खराब मौसम की चिंता नहीं

मानसून और सर्दियों के दौरान अक्सर कम विजिबिलिटी की समस्या उत्पन्न होती है। इससे उड़ानों के संचालन पर असर पड़ता है। कई बार उड़ानों को रद्द तक करना पड़ता है। ऐसे में लंबे समय से एयरपोर्ट पर आधुनिक विजिबिलिटी सिस्टम लगाने की तैयारी चल रही थी।

Created On :   11 May 2026 6:48 PM IST

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