धोखाधड़ी: शो-रूम में ही ऑफर के नाम पर ठगी, 53 लाख के खेल के पीछे सस्ती दोपहिया का लालच - 5 आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस

शो-रूम में ही ऑफर के नाम पर ठगी, 53 लाख के खेल के पीछे सस्ती दोपहिया का लालच - 5 आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस
  • कर्मचारियों द्वारा करीब 53 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला
  • सस्ती कीमत पर नई दोपहिया गाड़ी लेने का सपना देखने वाले 17 बड़े ठगी गिरोह की ठगी का शिकार

Nagpur News. लकड़गंज थानांतर्गत होंडा शो-रूम में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा करीब 53 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। रकम का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। नागपुर में सस्ती कीमत पर नई दोपहिया गाड़ी लेने का सपना देखने वाले 17 लोग एक बड़े ठगी गिरोह का शिकार हो गए। शहर के लकड़गंज थाना क्षेत्र स्थित सीए रोड के मस्कट होंडा शोरूम से जुड़ी इस धोखाधड़ी ने ऑटोमोबाइल बाजार में सनसनी फैला दी है। आरोप है कि शोरूम के कुछ कर्मचारियों ने मिलकर ग्राहकों को कम दाम में नई स्कूटी और बाइक दिलाने का लालच दिया और उनसे करीब 52 लाख 91 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। रकम लेने के बाद न तो वाहन दिए गए और न ही पैसे लौटाए गए। इस मामले में 5 आरोपियों के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज किया गया है।

ऐसे हुआ खुलासा

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक-एक कर 17 पीड़ित लकड़गंज थाने पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। शिकायतकर्ता राजदीप राजेंद्र खोब्रागडे समेत अन्य लोगों ने पुलिस को बताया कि शोरूम के कर्मचारियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाया। आरोपियों ने दावा किया था कि कंपनी के विशेष ऑफर और अंदरूनी संपर्कों के जरिए बाजार कीमत से काफी कम दाम में नई दोपहिया गाड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी। पीड़ितों के मुताबिक शुरुआत में आरोपियों ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए 2-3 ग्राहकों को वास्तव में वाहन उपलब्ध भी कराए। इससे लोगों को लगा कि योजना पूरी तरह असली है। इसके बाद मुंहजबानी प्रचार तेजी से फैल गया और कई लोगों ने सस्ती स्कूटी-बाइक पाने के लालच में बड़ी रकम जमा कर दी। कुछ ग्राहकों ने तो एक साथ 15 से 20 दोपहिया वाहन तक बुक करा डाले, ताकि बाद में उन्हें फायदे में बेच सकें।

रकम बढ़ने की संभावना

धीरे-धीरे आरोपियों के खातों में लाखों रुपए जमा होने लगे। रकम बढ़ते-बढ़ते करीब 53 लाख रुपए तक पहुंच गई। इसके बाद गाड़ियों की डिलीवरी टालने का सिलसिला शुरू हो गया। किसी को स्टॉक खत्म होने का बहाना दिया गया, तो किसी को कुछ दिन और इंतजार करने के लिए कहा गया। जब महीनों बाद भी न वाहन मिले और न ही पैसे वापस लौटाए गए, तब लोगों को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। लकड़गंज पुलिस ने इस मामले में श्वेता चिचघरे, अविनाश कडू, प्रणय धकाते, घनश्याम चिचघरे और चेतन गाठीबांदे समेत पांच आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। अधिकारियों को आशंका है कि ठगी का दायरा और बड़ा हो सकता है तथा आने वाले दिनों में कई और पीड़ित सामने आ सकते हैं।

Created On :   10 May 2026 7:08 PM IST

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