बड़ी हैरानी: मराठी प्रथम भाषा का परिणाम सबसे कमजोर, अंग्रेजी विषय ने मारी बाजी - गणित में भी छात्रों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम

मराठी प्रथम भाषा का परिणाम सबसे कमजोर, अंग्रेजी विषय ने मारी बाजी - गणित में भी छात्रों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कम
  • सामाजिक विज्ञान में बेहतर सफलता
  • मराठी प्रथम भाषा का परिणाम सबसे कमजोर

Nagpur News. निखिल जनबंधू (लता जनबंधू के पुत्र). महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं बोर्ड की परीक्षा के विषयवार परिणाम में मराठी प्रथम भाषा का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। मराठी, हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और गणित जैसे प्रमुख विषयों की तुलना करें तो मराठी प्रथम भाषा का उत्तीर्ण प्रतिशत सबसे कम दर्ज किया गया है। वहीं अंग्रेजी विषय में विद्यार्थियों ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया।

आंकड़े चौंकाने वाले

जारी आंकड़ों के अनुसार मराठी प्रथम भाषा में 1 लाख 10 हजार 478 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 98 हजार 43 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। इस विषय का परिणाम केवल 88.74 प्रतिशत रहा, जो प्रमुख विषयों में सबसे कम है। यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मराठी राज्य की प्रमुख भाषा है और सर्वाधिक विद्यार्थी इसी विषय से परीक्षा देते हैं।

तुलनात्मक अंक इस प्रकार

इसके मुकाबले हिंदी प्रथम भाषा का परिणाम 89.85 प्रतिशत दर्ज किया गया। हिंदी में 11 हजार 341 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 10 हजार 190 विद्यार्थी सफल रहे। वहीं अंग्रेजी प्रथम भाषा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 98.88 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया। इस विषय में 26 हजार 324 विद्यार्थी सफल हुए। इसी प्रकार अंग्रेजी द्वितीय/तृतीय भाषा में 1 लाख 23 हजार 990 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 1 लाख 10 हजार 954 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। इस विषय का परिणाम 89.49 प्रतिशत रहा, जो मराठी प्रथम भाषा के 88.74 प्रतिशत परिणाम से अधिक है।

मुख्य विषयों में सामाजिक विज्ञान का परिणाम सबसे मजबूत रहा। इस विषय में 94.21 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में 92.25 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया। दूसरी ओर गणित विषय में विद्यार्थियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई दिया। गणित का परिणाम 91.53 प्रतिशत रहा, जो विज्ञान और सामाजिक विज्ञान दोनों से कम है।

यह गंभीर संकेत

मराठी प्रथम भाषा के परिणाम में अन्य प्रमुख विषयों की तुलना में कमजोर स्थिति यह चिंता का विषय है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिलना शिक्षकों और अभिभावकों दोनों के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है। वहीं अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान में बेहतर परिणाम ने विद्यार्थियों की बदलती अध्ययन प्रवृत्ति को भी उजागर किया है।

17 विषयों का परिणाम 100%

तेलुगू (प्रथम भाषा), बंगाली (प्रथम भाषा), फिजियोलॉजी, डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर, फिजिकल एक्टिविटी फैसिलिटेटर, माइक्रो फाइनेंस एग्जीक्यूटिव, मराठी-बंगाली, हिंदी-उर्दू, हिंदी-तमिल, हिंदी-सिंधी, हिंदी-गुजराती, मल्टी स्किल असिस्टेंट टेक्नीशियन, फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट, असिस्टेन्स ब्यूटी थेरेपिस्ट, टूरिज़म एंड हॉस्पिटैलिटी, एग्रीकल्चर, जे.आर. फील्ड टेक्नोलॉजी होम एप्लायंसेस।

Created On :   10 May 2026 7:32 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story