परेशान यात्री: विदर्भ एक्सप्रेस रद्द, एसटी बसों में भीड़ आमदनी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि - एसटी महामंडल पर बढ़ा घाटे का बोझ

विदर्भ एक्सप्रेस रद्द, एसटी बसों में भीड़ आमदनी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि - एसटी महामंडल पर बढ़ा घाटे का बोझ
  • विदर्भ एक्सप्रेस का नागपुर-गोंदिया खंड 3 मई से 23 मई तक रद्द
  • यात्री एसटी बसों को प्राथमिकता दे रहे हैं
  • एसटी महामंडल पर बढ़ा घाटे का बोझ

Nagpur News. विकास कार्य के चलते विदर्भ एक्सप्रेस का नागपुर-गोंदिया खंड 3 मई से 23 मई तक रद्द कर दिया गया है। इससे इस रूट पर निर्भर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेन के अभाव में यात्री अब एसटी बसों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे गोंदिया जाने वाली बसों में अचानक भीड़ बढ़ गई है।

खड़े होकर यात्रा कर रही यात्री

विदर्भ एक्सप्रेस, अप-डाउन दोनों दिशा में रद्द होने के बाद यात्री एसटी बसों को प्राथमिकता दे रहे हैं। एसटी प्रशासन के अनुसार गणेशपेठ बस स्टैंड से गोंदिया जाने वाली बसों में यात्री क्षमता से अधिक सवार हो रहे हैं। इससे बसों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रत्येक बस से प्रतिदिन औसतन 5 से 6 हजार रुपए तक अतिरिक्त किराया प्राप्त हो रहा है। हालांकि, बसों की संख्या सीमित होने के कारण यात्री ओवरलोडिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। केवल 5 बसें उपलब्ध होने से सीटें तुरंत भर जाती हैं। यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ रही है। यात्रियों का कहना है कि, हम मजबूरन बस का सहारा ले रहे हैं। 24 मई से ट्रेन बहाल होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक यात्री इस परेशानी से जूझते रहेंगे।

एसटी महामंडल पर बढ़ा घाटे का बोझ

महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एसटी) को हर साल भारी घाटा झेलना पड़ रहा है। आरटीआई कार्यकर्ता अभय कोलारकर द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 में महामंडल को राज्य स्तर पर 991 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। वर्ष 2024-25 में यह घाटा 855 करोड़ रुपये रहा। अभी तक चालू वित्त वर्ष में महामंडल को 11.160 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है। इन आंकड़ों से साफ है कि एसटी महामंडल की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। आरटीआई से मिली रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि महामंडल की आय और व्यय के बीच बढ़ता अंतर घाटे का प्रमुख कारण बन रहा है। परिवहन सेवाओं के रखरखाव, कर्मचारियों के वेतन, ईंधन की बढ़ती कीमतें और यात्री संख्या में उतार-चढ़ाव जैसी समस्याएं महामंडल को आर्थिक संकट में डाले हुए हैं। सरकार और महामंडल प्रशासन को अब इस घाटे को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है, अन्यथा एसटी की सेवाएं प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।

Created On :   10 May 2026 7:23 PM IST

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