गोल्डमैन सैश ने इंडिगो का टारगेट प्राइस 13 प्रतिशत घटाया, कहा- वित्त वर्ष 27 में मुनाफे की उम्मीद नहीं

गोल्डमैन सैश ने इंडिगो का टारगेट प्राइस 13 प्रतिशत घटाया, कहा- वित्त वर्ष 27 में मुनाफे की उम्मीद नहीं
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव और यात्राओं के जुड़े व्यवधान के चलते मुनाफे के मोर्चे पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यह जानकारी गोल्डमैन सैश के विश्लेषकों की ओर से दी गई।

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव और यात्राओं के जुड़े व्यवधान के चलते मुनाफे के मोर्चे पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यह जानकारी गोल्डमैन सैश के विश्लेषकों की ओर से दी गई।

विश्लेषकों ने इंटरग्लोब एविएशन के टारगेट प्राइस को 13.33 प्रतिशत घटाकर 5,200 रुपए कर दिया है, जो कि पहले 6,000 रुपए था। हालांकि, गोल्डमैन सैश ने स्टॉक पर 'बाय' रेटिंग को बरकरार रखा है।

विश्लेषकों के मुताबिक, छोटी अवधि में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बने रहने के कारण एयरलाइन का आय का आउटलुक कमजोर बना हुआ है और वित्त वर्ष 27 में कोई मुनाफा होने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

गोल्डमैन सैश ने जून तिमाही के लिए इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय उड़ान क्षमता के अनुमानों खासकर मध्य पूर्व के मार्गों पर को कम कर दिया है। उन्होंने एयरलाइन के सबसे बड़े खर्च, जेट ईंधन की बढ़ती लागत को भी इसमें शामिल किया है।

ईरान संघर्ष बढ़ने के बाद से खाड़ी देशों में हवाई क्षेत्र बार-बार बंद होने के कारण इस क्षेत्र में हवाई यात्रा प्रभावित हुई है। साथ ही, आपूर्ति संबंधी जोखिमों और निर्यात प्रतिबंधों के कारण प्रोसेस्ड ईंधन की कीमतें कच्चे तेल की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ी हैं।

ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने परिचालन आय (ईबीआईटीडीआर) अनुमानों को घटाकर 13,700 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2027 के लिए 15,900 करोड़ रुपए कर दिया है, जो पहले क्रमशः 18,300 करोड़ रुपए और 25,800 करोड़ रुपए थे। प्रति शेयर आय के अनुमानों में भी दोनों वर्षों के लिए भारी कटौती की गई है।

ब्रोकरेज फर्म ने कहा, "हालांकि निकट भविष्य में निवेशकों का ध्यान आय संवेदनशीलता पर रहेगा, लेकिन लंबी अवधि में, निश्चित लागतों को नियंत्रित करने और बैलेंस शीट की मजबूती बनाए रखने की क्षमता ही प्रमुख अंतर साबित होगी।"

इंडिगो का शेयर दोपहर 1:28 पर 5.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 3,910 रुपए पर कारोबार कर रहा था। बीते एक महीने में शेयर करीब 20 प्रतिशत लुढ़क चुका है।

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Created On :   23 March 2026 1:41 PM IST

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