गुजरात अहमदाबाद में पेड़-पौधों वाला पहला ग्रीन बस शेल्टर खुला

गुजरात अहमदाबाद में पेड़-पौधों वाला पहला ग्रीन बस शेल्टर खुला
अहमदाबाद में सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना को अधिक टिकाऊ बनाने और मौजूदा पेड़ों को संरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रायोगिक परियोजना के तहत पहला पेड़-पौधों वाला पहला ग्रीन बस शेल्टर स्थापित किया गया है।

अहमदाबाद, 1 अगस्त (आईएएनएस)। अहमदाबाद में सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना को अधिक टिकाऊ बनाने और मौजूदा पेड़ों को संरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रायोगिक परियोजना के तहत पहला पेड़-पौधों वाला पहला ग्रीन बस शेल्टर स्थापित किया गया है।

यह शेल्टर अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) द्वारा साबरमती क्षेत्र में राजुल पार्क सोसाइटी के पास अचेर एएमटीएस स्टेशन पर विकसित किया गया है। इसमें एक पुराने पेड़ को हटाने के बजाय उसे ही डिजाइन में शामिल किया गया है।

यह परियोजना महापौर हितेश बरोट, नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि, स्थायी समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल और अन्य नगर निगम अधिकारियों के मार्गदर्शन में एएमसी के पर्यावरण के अनुकूल, आरामदायक और देखने में आकर्षक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली बनाने के प्रयासों के अंतर्गत शुरू की गई है।

पारंपरिक बस शेल्टरों के विपरीत, इस संरचना को दशकों पुराने पेड़ के चारों ओर डिजाइन किया गया है, जिससे यात्रियों को बस का इंतजार करते समय प्राकृतिक छाया, बेहतर वायु गुणवत्ता और गर्मी से सुरक्षा का लाभ मिलता है।

एएमसी ने कहा कि शेल्टर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह समय के साथ और अधिक हरा-भरा हो जाए। विशेष रूप से चयनित 'वर्नोनिया एलिप्टिका लता' के पौधों को आने वाले महीनों में छत पर प्राकृतिक रूप से फैलने के लिए लगाया जाएगा।

पूरी तरह से विकसित होने पर, वनस्पति छत को ढक लेगी, जिससे अतिरिक्त छाया मिलेगी, सतह का तापमान कम होगा, आसपास की हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा और एक हरा-भरा सार्वजनिक स्थान बनेगा।

बस शेल्टर का निर्माण टिकाऊ और स्थायी सामग्रियों से किया गया है। इसकी दोहरी परत वाली छत में मौसम-प्रतिरोधी फाइबर-प्रबलित प्लास्टिक (एफआरपी) शीट और सीमेंट शीट बोर्ड का संयोजन है, जो आंतरिक तापमान को कम करने में सहायक है।

पाउडर-कोटेड माइल्ड स्टील के पोल संरचना को सहारा देते हैं, जबकि यात्रियों के बैठने के लिए एर्गोनोमिक हाई-प्रेशर लैमिनेट (एचपीएल) बेंच लगाई गई हैं।

पेड़ की सुरक्षा और संरचना की दीर्घकालिक मजबूती सुनिश्चित करने के लिए उसके चारों ओर एक आरसीसी प्लेटफॉर्म भी बनाया गया है।

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Created On :   2 Aug 2026 12:01 AM IST

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