गुजरात में दिव्यांगों के लिए साइडकार वाली मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन और बदलाव की मंजूरी

गुजरात में दिव्यांगों के लिए साइडकार वाली मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन और बदलाव की मंजूरी
गुजरात सरकार ने दिव्यांगों (मानसिक रूप से दिव्यांग भी शामिल) के लिए साइडकार लगी मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन और उनमें बदलाव को मंजूरी दे दी है।

गांधीनगर, 21 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने दिव्यांगों (मानसिक रूप से दिव्यांग भी शामिल) के लिए साइडकार लगी मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन और उनमें बदलाव को मंजूरी दे दी है।

राज्य के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने आरटीओ और एआरटीओ ऑफिस को केंद्र सरकार की तय गाइडलाइंस का पालन करने का निर्देश दिया है।

इस कदम का मकसद दिव्यांगों को आने-जाने का एक सुरक्षित और ज्‍यादा आजाद विकल्प देना है, जिन्हें आम दो-पहिया वाहनों या ट्रांसपोर्ट के दूसरे साधनों का इस्तेमाल करने में मुश्किल हो सकती है।

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसके तहत तय तकनीकी, कानूनी और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने पर साइडकार वाली मोटरसाइकिलों का रजिस्ट्रेशन या उनमें बदलाव किया जा सकता है।

इस नियम में खासतौर पर मानसिक रूप से दिव्यांग भी शामिल हैं, जिनके लिए सर्कुलर में गाड़ी की ओनरशिप, देखरेख करने वाले (गार्जियन) और गाड़ी चलाने से जुड़ी शर्तें बताई गई हैं।

ऐसे मामलों में, मोटरसाइकिल को कानूनी गार्जियन या गार्जियन की जानकारी और मंजूरी से किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा ही चलाया जाना चाहिए। गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के पास संबंधित कैटेगरी का वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।

सर्कुलर में ऐसी मोटरसाइकिलों के इस्तेमाल पर कई शर्तें लगाई गई हैं। गाड़ी को किसी भी हालत में 40 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्‍यादा तेज नहीं चलाया जाना चाहिए। ड्राइवर और पैसेंजर (साइडकार में यात्रा करने वाला मानसिक रूप से दिव्यांग भी शामिल) दोनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी होगा।

साइडकार में एक सही सीट बेल्ट या सुरक्षा के लिए कोई दूसरा सही सिस्टम भी लगा होना चाहिए।

रजिस्ट्रेशन या किसी बदलाव को मंजूरी देने से पहले, गाड़ी की फिजिकल जांच की जाएगी ताकि यह पक्का किया जा सके कि साइडकार और दूसरे बदलावों से ड्राइवर, दिव्यांग पैसेंजर या सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों के लिए कोई सुरक्षा जोखिम पैदा न हो।

गाड़ी के पास कम से कम थर्ड-पार्टी रिस्क कवर वाली वैद्य बीमा पॉलिसी भी होनी चाहिए। वहीं, मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के सभी लागू प्रावधानों और दूसरे संबंधित नियमों, गाइडलाइंस और निर्देशों का पालन करना होगा।

राज्य सरकार ने कहा कि इस नियम का मकसद दिव्यांग लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली मुश्किलों को दूर करना और उन्हें ज्‍यादा आजादी देना है।

पूरे गुजरात में सभी आरटीओ और एआरटीओ ऑफिस केंद्र सरकार के स्टैंडर्ड और गाइडलाइंस के मुताबिक इस नियम को लागू करेंगे।

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Created On :   21 Aug 2026 5:19 PM IST

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