गुजरात जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या हुई सात, चार पुलिसकर्मी निलंबित, 21 पर मामला दर्ज

गुजरात  जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या हुई सात, चार पुलिसकर्मी निलंबित, 21 पर मामला दर्ज
गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा, 21 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है, जिनके ऊपर नकली शराब बनाने और बेचने का आरोप है।

भावनगर, 20 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा, 21 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है, जिनके ऊपर नकली शराब बनाने और बेचने का आरोप है।

भावनगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नितेश पांडे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि जहरीली शराब का सेवन करने वाले 25 से 28 लोग उपचाराधीन हैं।

अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, चार पुलिसकर्मियों को इस मामले में निलंबित किया जा चुका है।

19 अगस्त को इस मामले में वरतेज पुलिस स्टेशन के पास प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह पुलिस स्टेशन घोघा तालुका के खरकड़ी गांव में स्थित है।

मध्य प्रदेश के उज्जैन के खरकड़ी से और गुजरात के भावनगर से अब तक 21 आरोपियों की पहचान हो चुकी है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है।

पुलिस के मुताबिक, इस शराब को उज्जैन से लाया जाता था। इसके बाद उसे भावनगर और आसपास के इलाके में लोगों के बीच बांटने से पहले उसमें मिलावट की जाती थी।

जिन जहरीली शराब की बोतलों को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है, उन बोतलों में एक कंपनी का लेबल भी लगा हुआ था। जांच में सामने आया है कि नेटवर्क से जुड़े हुए अलग-अलग लोग इस शराब को बेचने में शामिल थे। इस शराब को बेचने से पहले उसमें मिलावट की जाती थी। इसके बाद उसे विभिन्न माध्यमों से आम लोगों के बीच में बेचा जाता था।

पुलिस अब पूरे आपूर्ति तंत्र का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर कैसे लोगों तक शराब पहुंचाई जाती थी। इसके बाद पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब के बचे बाकी के हिस्से को कैसे कहां पर भेज दिया जाता था।

इस संबंध में कैमिकल जांच की रिपोर्ट के बारे में भी एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वही पुलिस जांच में जब्त की गई रॉयल स्टेज बोतल में भारी मात्रा में मेथेनॉल का इस्तेमाल भी किया गया। जिसका जिक्र प्राथमिकी में भी किया गया है। इस शराब में 38.59 फीसदी मेथेनॉल और 0.94 फीसदी इथेनॉल मिला होता था।

प्राथमिकी में कई पीड़ितों की जांच के बाद प्राप्त हुए मेथेनॉल के बारे में भी प्राथमिकी में दर्ज किया गया है। इन पीड़ितों में उपेन्द्र सिंह गोहिल और कार्तिक भाई मकवाना के नाम शामिल है।

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया, जब शराब का सेवन करने के बाद लोगों को उल्टी और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इसके बाद सभी को भावनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जिन लोगों ने जहरीली शराब का सेवन किया था, उन सभी लोगों के बयान और उनसे जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट में प्राथमिकी में दर्ज की गई है। पुलिस अब उस पूरे स्रोत के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत जहरीली शराब की आपूर्ति लोगों के बीच में की जाती थी। इसके बाद उसमें मिलावट की जाती थी। इसके बाद उसे लोगों के बीच में बेचा जाता था। पुलिस अपनी जांच के तहत उस पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।

द स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) अब पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के तहत अधिकारी इस जहरीली शराब से जुड़ी पूरी प्रक्रिया के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत इसकी आपूर्ति आम लोगों के बीच में की जाती थी।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   20 Aug 2026 12:56 PM IST

Tags

Next Story