‘किसानों को परेशान किया तो होगी कार्रवाई’, जबरन वसूली पर ऋणदाताओं को शिंदे की चेतावनी

मुंबई, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को सूक्ष्म वित्त संस्थानों, निजी साहूकारों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और बैंकों को सूखा प्रभावित किसानों से ऋण चुकाने के लिए दबाव डालने के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार मानसिक उत्पीड़न या जबरन वसूली को बर्दाश्त नहीं करेगी, जिससे परेशान किसान चरम कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन किसान समुदाय के साथ मजबूती से खड़ा है।
मुंबई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने राज्य के जीरो टोलरेंस के रुख पर जोर दिया।
उन्होंने नांदेड़ में हाल ही में हुई आक्रामक ऋण वसूली की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे वह सूक्ष्म वित्त फर्म हो, वित्त कंपनी हो, बैंक हो या निजी साहूकार, किसान को परेशान करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों को डराने-धमकाने या उन्हें दफ्तरों में हिरासत में लेने की कोशिश करने वाले वसूली एजेंटों या संस्थानों के खिलाफ सख्त आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे।
शिंदे ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), वाणिज्यिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ चर्चा के बाद आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वसूली एजेंटों द्वारा निशाना बनाए जाने पर वे घबराएं नहीं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई आपको मुआवजा दिलाने के लिए दबाव डाले, तो डरें नहीं। तुरंत सरकारी अधिकारियों से संपर्क करें। राज्य सरकार आपके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि राज्य के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में लगभग 1.5 करोड़ किसानों को राहत योजनाओं का लाभ मिलेगा।
शिंदे ने आश्वासन दिया कि कोई भी पात्र किसान वंचित नहीं रहेगा। दिवाली से पहले घोषित 5,000 रुपए की नकद राहत राशि तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, साथ ही अतिरिक्त सरकारी सब्सिडी और रियायतें भी दी जाएंगी। स्थानीय प्रशासनों को पेयजल, पानी के टैंकरों और पशुओं के चारे की आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बांधों के गाद वाले किनारों पर चारे की खेती को बढ़ावा देने के लिए गारंटीकृत कीमतों और वित्तीय प्रोत्साहनों के साथ काम चल रहा है।
शिंदे ने हालिया राजनीतिक विवादों को लेकर विपक्ष पर भी पलटवार किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई आलोचनात्मक टिप्पणियों की निंदा करते हुए शिंदे ने इन बयानों को बेहद निंदनीय बताया।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की निम्न स्तरीय भाषा का प्रयोग करना अत्यंत निंदनीय है। मैंने कल भी इसकी निंदा की थी और आज भी कर रहा हूं।
उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के तीव्र विकास को लेकर विपक्षी नेता चिंतित हो रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जहां प्रधानमंत्री मोदी देश को एकजुट करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे तोड़ने का सपना देख रहे हैं। यह नेपाल, श्रीलंका या बांग्लादेश नहीं है—यह भारत है, एक नया और दृढ़ भारत।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :  
