वेनेजुएला में भारतीय नाविक के शव से अंग निकाले जाने के आरोप, भारत ने की निष्पक्ष जांच की मांग

वेनेजुएला में भारतीय नाविक के शव से अंग निकाले जाने के आरोप, भारत ने की निष्पक्ष जांच की मांग
काराकास में भारतीय दूतावास ने दिवंगत राकेश चौहान के पार्थिव शरीर को कथित तौर पर अपवित्र करने और अंग निकालने के मामले में वेनेजुएला के अधिकारियों से पूरी जांच की मांग की है।

काराकास, 3 जुलाई (आईएएनएस)। काराकास में भारतीय दूतावास ने दिवंगत राकेश चौहान के पार्थिव शरीर को कथित तौर पर अपवित्र करने और अंग निकालने के मामले में वेनेजुएला के अधिकारियों से पूरी जांच की मांग की है।

भारतीय मिशन ने कहा कि जब से यह घटना पहली बार सामने आई है, तब से वह संबंधित स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार इस मामले को आगे बढ़ा रहा है।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भारतीय दूतावास, काराकस ने दिवंगत राकेश चौहान के पार्थिव शरीर के अंगों को हटाने और उनके अपमान के मामले में वेनेजुएला के अधिकारियों से पूरी जांच की मांग की है। घटना सामने आने के बाद से मिशन संबंधित स्थानीय अधिकारियों के साथ इस मामले को आगे बढ़ा रहा है।”

इस मामले ने तब गंभीर चिंता पैदा कर दी जब भारतीय नाविक के परिवार ने आरोप लगाया कि जब मृतक का शव भारत वापस लाया गया तो उसके कई अंदरूनी अंग गायब थे। चौहान की मौत कथित तौर पर मई में वेनेजुएला में हृदय की गति रुकने से हुई थी।

मृतक के परिवार के अनुसार, भारत में दोबारा किए गए पोस्टमार्टम से पता चला कि शरीर से दिमाग, दिल और फेफड़े समेत कई जरूरी अंग गायब थे। 33 साल के राकेश चौहान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले थे और उनकी मौत के लगभग एक महीने बाद उनका शव भारत लौटाया गया था।

इन नतीजों के बाद, फेडरेशन ऑफ सीफेयरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) ने उनकी मौत के हालात और उनके शव के साथ किए गए बर्ताव की पूरी जांच की मांग की है। एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में, फेडरेशन ने आरोप लगाया कि मौत का कारण बताने वाले वेनेजुएला के अधिकारियों से बिना किसी ऑटोप्सी रिपोर्ट या आधिकारिक दस्तावेज के शव वापस भेज दिया गया।

एफएसयूआई ने आगे दावा किया कि भारत में किए गए पोस्टमॉर्टम से एक डरावना सच सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया कि शरीर में एक भी अंग नहीं मिला, जिसमें दिमाग, दिल, फेफड़े, लिवर, किडनी, तिल्ली, पैंक्रियास, पेट और आंतें शामिल हैं। शरीर पर बहुत सारे टांके लगे थे, जबकि अंगों के न होने के कारण मौत का कारण पता नहीं चल सका।

फेडरेशन ने इस स्थिति को नामंजूर करार दिया और वेनेजुएला के अधिकारियों से पूरी जवाबदेही, पारदर्शिता और विस्तृत जांच की मांग की है। इसने काराकास में भारतीय दूतावास से तुरंत दखल देने, साथ ही पूरे ऑटोप्सी रिकॉर्ड जारी करने और मौत के हालात साफ करने की भी मांग की है।

परिवार के मुताबिक, चौहान नवंबर 2025 में एक मर्चेंट नेवी जहाज पर क्रू मेंबर के तौर पर वेनेजुएला गए थे। इस मामले ने विदेशों में भारतीय नाविकों के साथ होने वाले बर्ताव और ऐसी घटनाओं में मजबूत सुरक्षा उपायों, डॉक्यूमेंटेशन और जवाबदेही की जरूरत को लेकर बड़ी चिंताएं खड़ी कर दी हैं।

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Created On :   3 July 2026 12:51 PM IST

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