अमेरिकी संसद में जुलाई को 'इंडियन अमेरिकन हेरिटेज मंथ' घोषित करने का प्रस्ताव, आधे से ज्यादा सांसदों का समर्थन

अमेरिकी संसद में जुलाई को इंडियन अमेरिकन हेरिटेज मंथ घोषित करने का प्रस्ताव, आधे से ज्यादा सांसदों का समर्थन
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सोमवार को भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने पेश एक प्रस्‍ताव पेश कि‍या। इस प्रस्‍ताव में जुलाई महीने को 'इंडियन अमेरिकन हेरिटेज मंथ' (भारतीय-अमेरिकी विरासत माह) घोषित करने की मांग की गई है। उनके इस प्रस्‍ताव का सभा के आधे से अधिक सांसदों ने एक द्विदलीय प्रस्ताव का समर्थन किया।

वाशिंगटन, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सोमवार को भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने पेश एक प्रस्‍ताव पेश कि‍या। इस प्रस्‍ताव में जुलाई महीने को 'इंडियन अमेरिकन हेरिटेज मंथ' (भारतीय-अमेरिकी विरासत माह) घोषित करने की मांग की गई है। उनके इस प्रस्‍ताव का सभा के आधे से अधिक सांसदों ने एक द्विदलीय प्रस्ताव का समर्थन किया।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को सम्मान देना है। इस प्रस्ताव को 435 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में अब तक 256 सांसदों का समर्थन मिल चुका है। प्रस्ताव में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को सराहा गया है और जुलाई को आधिकारिक तौर पर 'इंडियन अमेरिकन हेरिटेज मंथ' के रूप में मान्यता देने का समर्थन किया गया है।

राजा कृष्णमूर्ति ने कहा, "भारतीय-अमेरिकियों ने कई पीढ़ियों से अमेरिका को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने ऐसे वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार किए हैं जिनसे लोगों की जान बची है, रोजगार पैदा हुए हैं और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। साथ ही उन्होंने सेना और सार्वजनिक जीवन में भी महत्वपूर्ण सेवा दी है।"

उन्होंने कहा, "मुझे गर्व है कि मेरे साथ 256 सांसद इस प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं। यह भारतीय-अमेरिकियों की विरासत को सम्मान देने और अमेरिका को समृद्ध बनाने में उनके योगदान का जश्न मनाने का एक अवसर है।"

जुलाई महीने को चुनने के पीछे एक ऐतिहासिक कारण भी है। 2 जुलाई 1946 को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन ने 'ल्यूस-सेलर एक्ट' पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून ने पहली बार भारतीय मूल के लोगों को अमेरिकी नागरिक बनने का अधिकार दिया था। इससे पहले कई दशकों तक भारतीय प्रवासियों को अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी।

प्रस्ताव में अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के 2023 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि अमेरिका में 52 लाख से अधिक लोग खुद को भारतीय-अमेरिकी बताते हैं। दस्तावेज में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय की जड़ें 5,000 साल से अधिक पुरानी सभ्यता से जुड़ी हैं और यह अमेरिका के सबसे धार्मिक रूप से विविध समुदायों में से एक है।

प्रस्ताव में भारतीय-अमेरिकियों के योगदान को विज्ञान, चिकित्सा, जैव-चिकित्सा अनुसंधान, अंतरिक्ष अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटिंग, दूरसंचार और अन्य नवाचार क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बताया गया है। इसके अलावा, भारतीय-अमेरिकियों की सेवा को अमेरिकी सशस्त्र बलों की सभी शाखाओं और सरकार के विभिन्न स्तरों पर भी मान्यता दी गई है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि भारतीय-अमेरिकी अमेरिका की विविधता और ताकत को और बढ़ाते हैं तथा जुलाई को 'इंडियन अमेरिकन हेरिटेज मंथ' घोषित करने का समर्थन किया जाना चाहिए। हालांकि, यह एक साधारण हाउस रेजोल्यूशन है, इसलिए इसके पारित होने पर न तो कोई संघीय अवकाश घोषित होगा और न ही राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता होगी।

यह प्रस्ताव 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से ठीक एक सप्ताह पहले आया है। इन चुनावों में कई भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार भी मैदान में हैं।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :  

Tags

Next Story