इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन का 'बी' शॉटगन जजों का कोर्स शुरू

इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन का बी शॉटगन जजों का कोर्स शुरू
इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) का 'बी' शॉटगन जजों का कोर्स गुरुवार को नई दिल्ली में शुरू हुआ। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) द्वारा आयोजित यह पांच दिवसीय कोर्स 14 सितंबर 2026 तक चलेगा।

नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) का 'बी' शॉटगन जजों का कोर्स गुरुवार को नई दिल्ली में शुरू हुआ। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) द्वारा आयोजित यह पांच दिवसीय कोर्स 14 सितंबर 2026 तक चलेगा।

इस कोर्स में भारत और ओमान के कुल 16 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इसका मकसद आईएसएसएफ के नियमों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार शूटिंग अधिकारियों की जानकारी और तकनीकी विशेषज्ञता को और बेहतर बनाना है।

यह कोर्स आईएसएसएफ शॉटगन कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद वहदान (मिस्र) द्वारा इंस्ट्रक्टर के तौर पर चलाया जा रहा है और आईएसएसएफ शॉटगन कमेटी के सदस्य अमर जंग सिंह (भारत) असिस्टेंट इंस्ट्रक्टर के तौर पर उनकी मदद कर रहे हैं।

उद्घाटन समारोह में एनआरएआई के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव, सेक्रेटरी जनरल पवनकुमार सिंह, सेक्रेटरी राजीव भाटिया और हाई परफॉर्मेंस मैनेजर (शॉटगन) मनशेर सिंह शामिल हुए और उन्होंने इंस्ट्रक्टर्स व प्रतिभागियों का स्वागत किया।

प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए एनआरएआई के प्रेसिडेंट कालीकेश नारायण सिंह देव ने कहा, "एनआरएआई ने भारतीय शूटिंग के लिए एक मजबूत एजुकेशन प्रोग्राम बनाने की लगातार कोशिश की है। आईएसएसएफ के साथ मिलकर काम करते हुए, हमने पिछले दो-तीन वर्षों में कई आईएसएसएफ कोर्स भारत में आयोजित किए हैं। हमारा लक्ष्य हर दो-तीन साल में शॉटगन, पिस्टल और राइफल में कोच, जज, जूरी और अधिकारियों की संख्या को दोगुना करना है। 100,000 से ज्यादा रजिस्टर्ड शूटर और कड़े क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड के तहत नेशनल लेवल पर मुकाबला करने वाले लगभग 20,000 शूटरों के साथ, हमें इस इकोसिस्टम को सपोर्ट करने के लिए तकनीकी अधिकारियों के एक मजबूत और बड़े आधार की जरूरत है।"

एनआरएआई की शिक्षा से जुड़ी कोशिशों के बारे में बताते हुए, सेक्रेटरी जनरल पवनकुमार सिंह ने कहा, "हमने पिछले चार सालों में 1,500 से ज्यादा आईएसएसएफ और नेशनल कोच और जजों को ट्रेनिंग दी है। सिर्फ इस साल, हमने आईएसएसएफ राइफल जज कोर्स, आईएसएसएफ ईएसटी कोर्स और आईएसएसएफ रेफरी कोर्स आयोजित किए हैं।

आईएसएसएफ की नई जरूरत के मुताबिक, मैदान पर मौजूद कोच के पास आईएसएसएफ ए या बी लाइसेंस होना चाहिए; इसलिए हम 44 प्रतिभागियों के लिए आईएसएसएफ बी कोर्स और पहली बार अक्टूबर में आईएसएसएफ ए कोर्स भी आयोजित कर रहे हैं। ये सभी कोर्स पूरी तरह से मुफ्त हैं और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट के लगातार सहयोग से ही ये मुमकिन हो पाए हैं।"

यह कोर्स एनआरएआई की उन लगातार कोशिशों का हिस्सा है जिनका मकसद काबिल टेक्निकल अधिकारियों के विकास को मजबूत करना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से अपना ज्ञान और अनुभव बढ़ाने के मौके देना है।

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Created On :   11 Sept 2026 12:17 AM IST

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