आईआरसीटीसी केस दिल्ली की कोर्ट ने राबड़ी और तेजस्वी को 19 नवंबर को पेश होने का आदेश दिया

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को आईआरसीटीसी होटल घोटाले से जुड़े कथित धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी और पुत्र तेजस्वी यादव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने से छूट प्रदान कर दी।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया।
कार्यवाही के दौरान, राबड़ी देवी के वकील ने बताया कि वे स्वास्थ्य कारणों से अदालत में पेश होने में असमर्थ हैं।
तेजस्वी यादव के मामले में, उनके वकील ने कहा कि उनकी फ्लाइट में देरी हो गई है और वे औपचारिकताएं पूरी करने के लिए दोपहर 2 बजे तक अदालत में पेश हो सकते हैं। हालांकि, अदालत ने दोनों को उस दिन के लिए छूट दे दी और मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर के लिए तय कर दी।
सुनवाई के दौरान, लालू प्रसाद यादव के वकील ने अदालत को बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके उस आवेदन पर ईडी को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती दी थी।
वकील ने आगे बताया कि हाई कोर्ट ने उन्हें 3 दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट से सुनवाई टालने का अनुरोध करने की छूट दी है।
ट्रायल कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन आरोपियों को हाई कोर्ट से कोई रोक (स्टे) नहीं मिली है, उन्हें अगली सुनवाई की तारीख पर अदालत में पेश होना होगा।
इस साल सितंबर में, राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीएसी एक्ट) विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। अदालत ने माना कि उनके खिलाफ 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' के प्रावधानों के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
अदालत ने इस मामले में सात आरोपियों को आरोपमुक्त भी कर दिया।
ईडी के अनुसार, आरोपी 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव के केंद्रीय रेल मंत्री रहने के दौरान, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन के होटलों के संचालन के लिए ठेके देने में हुई कथित अनियमितताओं से प्राप्त अवैध धन को ठिकाने लगाने में शामिल थे।
केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप है कि होटल के रखरखाव के ठेके राजद प्रमुख के करीबी सहयोगियों से जुड़ी एक निजी कंपनी को दिए गए, जिसमें तय नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बदले में, उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों से जुड़ी एक 'बेनामी' कंपनी के जरिए तीन एकड़ की बेशकीमती जमीन हासिल की गई। यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला, कथित आईआरसीटीसी होटल घोटाले के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज किए गए एक मूल अपराध (प्रेडिकेट ऑफेंस) से जुड़ा है।
लालू प्रसाद यादव ने इन आरोपों का लगातार खंडन किया है और उनका कहना है कि आईआरसीटीसी होटलों के लिए टेंडर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दिए गए थे।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :  
