होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका के टोल प्रस्ताव का इटली ने किया विरोध
रोम, 14 जुलाई (आईएएनएस)। इटली की सरकार ने समुद्री मार्गों से गुजरने पर किसी भी तरह का शुल्क लगाने का विरोध करते हुए कहा कि समुद्री स्ट्रेट्स कोई इंसानों की बनाई संरचना नहीं है। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी का यह बयान मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस ऐलान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सभी मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।
ताजानी ने विदेश मंत्रालय में पत्रकारों से कहा, "हम समुद्री रास्तों पर आजादी से आने-जाने के पक्ष में हैं। जिन जलडमरूमध्यों में इंसानों द्वारा बनाई गई संरचना नहीं है, वहां किसी भी तरह का शुल्क लगाने का हम विरोध करते हैं।"
इटली की समाचार एजेंसी एडनक्रोनोस की रिपोर्ट के अनुसार, ताजानी की यह टिप्पणी ट्रंप के सोमवार के बयान के बाद आई। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रहा है और होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में होने वाले खर्च की भरपाई के लिए 'सभी मालवाहक जहाजों से 20 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा।
ताजानी ने कहा, "स्वेज या पनामा का उदाहरण लीजिए, जहां इंसानों द्वारा बनाई गई नहरें हैं। वहां शुल्क देना ठीक है। लेकिन दूसरी जगहों पर जलडमरूमध्यों से गुजरने के लिए शुल्क लगाना एक खतरनाक मिसाल होगी, क्योंकि फिर दुनिया भर में ऐसे शुल्क लगाए जाने लगेंगे।"
तजानी ने कहा कि इटली जैसे एक्सपोर्टर (जिसका एक्सपोर्ट जीडीपी का 40 प्रतिशत है) के लिए, ट्रांजिट स्ट्रेट पर टोल देना 'बिल्कुल भी मंजूर नहीं है।'
ताजानी ने कहा, "हमारा मूल सिद्धांत समुद्री रास्तों पर आजादी से आवाजाही का है और हम इसी का समर्थन करते हैं। इसलिए हम जलडमरूमध्यों से गुजरने पर किसी भी तरह का शुल्क लगाने के खिलाफ हैं।"
दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग संस्था, बाल्टिक एंड इंटरनेशनल मैरीटाइम काउंसिल (बीआईएमसीओ) ने भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ऐसा शुल्क लागू करता है, तो होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही और कम हो सकती है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार और तेल परिवहन मार्गों में से एक है। संस्था ने कहा कि हाल के दिनों में यहां जहाजों की आवाजाही फिर से लगभग ठप हो गई है।
मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि खाड़ी के अमीर देशों को इस रणनीतिक रूप से बेहद अहम क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अमेरिका को भुगतान करना चाहिए। उनका कहना था कि अब अमेरिका मध्य पूर्व के तेल पर पहले की तरह निर्भर नहीं है, लेकिन फिर भी वह अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा का खर्च उठा रहा है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि जिन देशों को अमेरिकी सैन्य अभियान से सुरक्षा मिल रही है, उन्हें भी इसका खर्च उठाने में हिस्सा देना चाहिए।
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Created On :   14 July 2026 9:29 PM IST












