जम्मू-कश्मीर सरकार ने महबूबा मुफ्ती के 'बैकडोर अपॉइंटमेंट' के दावे को खारिज किया

जम्मू-कश्मीर सरकार ने महबूबा मुफ्ती के बैकडोर अपॉइंटमेंट के दावे को खारिज किया
जम्मू-कश्मीर सरकार ने रविवार को विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती द्वारा लगाए गए 'बैकडोर अपॉइंटमेंट' के आरोपों को खारिज कर दिया।

श्रीनगर, 28 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने रविवार को विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती द्वारा लगाए गए 'बैकडोर अपॉइंटमेंट' के आरोपों को खारिज कर दिया।

इस विवाद पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के वरिष्ठ नेताओं—स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू, कृषि मंत्री जावेद अहमद डार, और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने यहां एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

सरकार ने बैकडोर भर्ती के आरोपों को सख्ती से खारिज करते हुए कहा कि सरकारी विभागों में सभी नियुक्तियां पूरी तरह से मेरिट के आधार पर और भर्ती की तय प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही हैं।

स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने आउटसोर्सिंग पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की टिप्पणी का मजाक उड़ाया।

महबूबा मुफ्ती के इस बयान पर कि नौकरियां पीएससी के बजाय आउटसोर्सिंग के जरिए भरी जा रही हैं, सकीना ने कहा कि मुझे उनकी समझ पर तरस आता है।

उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि इतने ऊंचे पद पर रहने के बावजूद, महबूबा मुफ्ती भर्ती प्रक्रिया के बारे में नहीं जानती हैं।

सकीना इत्तू ने कहा कि महबूबा मुफ्ती को यह समझना और जानना चाहिए कि आउटसोर्सिंग को पक्की नौकरी नहीं माना जा सकता।

आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे युवाओं का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इन युवाओं को समग्र शिक्षा और मिशन वात्सल्य (आईसीपीएस) जैसी केंद्र-प्रायोजित योजनाओं के तहत नियुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने साफ किया कि सरकार ने भर्ती के लिए पारदर्शी और मेरिट-आधारित नीति अपनाई है और उन्होंने पिछले दरवाजे से भर्ती (बैकडोर अपॉइंटमेंट) के दावों को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि हर भर्ती तय कानूनी और संस्थागत प्रक्रियाओं के जरिए की जाती है, जिससे योग्य उम्मीदवारों के लिए निष्पक्षता और समान अवसर सुनिश्चित होते हैं।

वानी ने कहा कि आउटसोर्सिंग को लेकर जनता के बीच बेवजह भ्रम पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं। अगर इसकी शुरुआत को देखें, तो मौजूदा सिस्टम हमें विरासत में मिला है। कई अन्य मुद्दों की तरह, आउटसोर्सिंग का यह तरीका भी पिछली सरकार के समय से चला आ रहा है..."

वहीं, मंत्री इत्तू ने कहा कि आउटसोर्सिंग को सरकारी भर्ती नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आउटसोर्सिंग एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है जिसे सिर्फ़ तत्काल कामकाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनाया जाता है और इसे सरकारी सेवा में नियमित नियुक्ति नहीं माना जा सकता।

सरकार ने पारदर्शिता, जवाबदेही और योग्यता-आधारित भर्ती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और उम्मीदवारों को भरोसा दिलाया कि तय कानूनी प्रक्रिया के बाहर कोई नियुक्ति नहीं की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन सभी विभागों में निष्पक्ष और विश्वसनीय भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किए हुए है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   28 Jun 2026 2:07 PM IST

Tags

Next Story